वर्कशॉप में 50% पद खाली, मरम्मत और जांच व्यवस्था चरमराई, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) इन दिनों कांगड़ा सहित विभिन्न डिपो में कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है, जिसका सीधा असर बस संचालन और रखरखाव व्यवस्था पर पड़ रहा है। निगम में चालक-परिचालक, वर्कशॉप स्टाफ और कार्यालय कर्मचारियों सहित सभी शाखाओं में करीब 50 प्रतिशत तक पद खाली बताए जा रहे हैं।
सबसे अधिक असर वर्कशॉप सेवाओं पर दिख रहा है, जहां बसों की नियमित जांच और मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। कई वर्कशॉप में स्वीकृत पदों के मुकाबले मात्र आधे कर्मचारी ही कार्यरत हैं, जिससे तकनीकी कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
धर्मशाला सहित जिले की अन्य वर्कशॉप में भी यही स्थिति है। इस कारण बसों की समय पर फिटनेस जांच नहीं हो पा रही है और कई बसें बिना पूरी तकनीकी जांच के ही सड़कों पर उतर रही हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
चालक-परिचालक और कार्यालय स्टाफ की कमी के चलते मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। कई बार बसें बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय यात्रियों ने बताया कि क्षेत्र में आए दिन एचआरटीसी बसें खराब होकर सड़क किनारे खड़ी मिल रही हैं, जिससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि यात्रा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
यात्रियों अंजना कुमारी, प्रवीन कुमारी, रीना देवी, अमित कुमार, संजय कुमार, रमन, गौरव कुमार, अरविंद, पवन और अश्वनी सहित कई लोगों ने सरकार से मांग की है कि निगम में खाली पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि परिवहन सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें ।
कोट्स:
जिला में कर्मचारियों की समस्या ध्यान में है और इस बारे में उच्चाधिकारियों और सरकार को लिखित में भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सरकार और निगम इस समस्या का समाधान करेंगे, ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। -पंकज चड्ढा, मंडलीय प्रबंधक धर्मशाला