बैजनाथ (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर के 200 किमी लंबे ऐतिहासिक नैरोगेज रेलवे ट्रैक को ब्रॉडगेज में बदलने की कवायद शुरू हो गई है। नॉर्दर्न रेलवे ने इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। वर्तमान में ट्रैक की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) का कार्य पहले से ही प्रगति पर है। अब एफएलएस शुरू होने से प्रोजेक्ट को पंख लगने की उम्मीद बढ़ गई है।
रेलवे विभाग के मानकों के अनुरूप इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के लिए एफएलएस की रिपोर्ट बेहद निर्णायक होगी। इसके लिए चार अधिकृत सदस्यों की एक विशेष टीम गठित की गई है, जो ट्रैक पर ट्रैफिक स्टडी और क्षेत्र की औद्योगिक संभावनाओं का विस्तृत ब्योरा तैयार करेगी। सर्वे में यह परखा जाएगा कि ब्रॉडगेज की उपयोगिता कितनी है। इस दौरान क्षेत्र के उद्योग पार्कों और अन्य बड़े प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स को आधार बनाया जाएगा। साथ ही, ब्रॉडगेज होने की स्थिति में यात्रियों की संभावित संख्या का भी आकलन किया जाएगा।
कांगड़ा-चंबा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने बताया कि वे इस रेल ट्रैक को ब्रॉडगेज करने का मुद्दा संसद में निरंतर उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, यह परियोजना न केवल क्षेत्र के पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए सफर को भी सुगम बनाएगी। प्रोजेक्ट की रिपोर्ट रेलवे के मानकों पर खरी उतरती है, तो जल्द ही इस दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।