कांगड़ा/टांडा। टांडा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने 13 साल की लड़की के दिल के छेद को बंद कर उसके स्वस्थ जीवन का रास्ता खोल दिया है। अस्पताल के डॉक्टराें ने जन्म से दुर्लभ हृदय दोष (एएसडी विद कॉर्ट्रियाट्रियम) से पीड़ित चंबा जिला के भरमौर की लड़की की सफल हार्ट सर्जरी की है। यह सर्जरी टांडा मेडिकल कॉलेज के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी विभाग (सीटीवीएस) के विशेषज्ञों ने गहन मूल्यांकन के बाद की है। टांडा मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि लड़की के माता-पिता के अनुसार आठ महीने की उम्र से ही तेज हृदय गति, होठों का नीला पड़ना, वजन न बढ़ना, सांस लेने में तकलीफ होना और बार-बार छाती में संक्रमण होने जैसे लड़की में लक्षण थे। टांडा मेडिकल कॉलेज में मूल्यांकन पर पाया गया कि लड़की के हृदय में बड़ा छेद था, हृदय की कुछ नसों का असामान्य संबंध था। साथ ही हृदय कक्षों का आकार बढ़ा हुआ पाया और शरीर में रक्त की आपूर्ति बाधित हो रही थी। दूर के उच्च स्वास्थ्य संस्थान में जाने में असमर्थता और खराब वित्तीय स्थिति के कारण लड़की का पहले ऑपरेशन नहीं हो सका। इसके बाद टांडा में सीटीवीएस विभाग ने इसकी जिम्मेदारी ली। 27 जून को सफल सर्जरी की गई। सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. देशबंधु शर्मा (एचओडी), डॉ. विकास पंवार, डॉ. पुनीत शर्मा, जबकि एनेस्थीसिया टीम में डॉ. भारती गुप्ता, डॉ. अमन शर्मा, डॉ. निधि और अन्य स्टाफ शामिल रहा
हिमकेयर योजना से दूर हुआ वित्तीय संकट
टांडा मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि सर्जरी के लिए हिमकेयर योजना द्वारा सभी खर्चों का ध्यान रखा गया, जिससे बच्ची के परिवार को वित्तीय परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
बच्ची की हालत स्थिर, जल्द होगी अस्पताल से छुट्टी
प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा के मुताबिक अब बच्ची की स्थिति स्थिर है और उसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। अस्पताल हृदय शल्य चिकित्सा की नियमित सुविधा प्रदान कर रहा है। जरूरतमंद रोगियों को बिना किसी कठिनाई के उपचार मिल रहा है।