मानव निर्मित झीलों में शुमार और अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट पौंग झील में इस वर्ष विदेशी मेहमानों की आमद में कमी दर्ज की गई है। वन्य प्राणी विभाग की गई वार्षिक पक्षी गणना के आंकड़े बताते हैं कि इस साल पिछले वर्ष के मुकाबले 29,375 कम प्रवासी पक्षी पौंग झील में पहुंचे हैं। हालांकि इस बार पक्षियों की प्रजातियों में वृद्धि देखी गई है।
पक्षी गणना की इस विशाल प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए 31 जनवरी को नगरोटा सूरियां स्थित इंटरप्रिटेशन भवन में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई थी। वन्य प्राणी विभाग के सीसीएफ सौरभ भाई पटेल की अध्यक्षता में 1 फरवरी को झील के विभिन्न क्षेत्रों में गणना शुरू हुई। इसके लिए कुल 25 टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों में 95 विशेषज्ञ, पक्षी प्रेमी और वन कर्मी शामिल रहे।
पूरी झील को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर आधुनिक दूरबीन और कैमरों की मदद से आंकड़े जुटाए गए। इस वर्ष की गणना के आंकड़े पिछले दो वर्षों की तुलना में थोड़े चौंकाने वाले रहे हैं। विभाग के अनुसार इस वर्ष 115 प्रजातियों के कुल 1,24,344 पक्षी पहुंचे हैं। वर्ष 2025 में पौंग झील में 97 प्रजातियों के 1,53,719 पक्षी आए थे। वहीं, 2024 में 55 प्रजातियों के 1,44,371 पक्षी यहां पहुंचे थे।
झील के सबसे खास मेहमान बारहेडेड गूज की संख्या में बड़ी गिरावट देखी गई है। पिछले साल इनकी संख्या 90,959 थी, जो इस बार महज 62,293 रह गई है। मेहमान पक्षियों की संख्या घटने के बावजूद प्रजातियों की संख्या 97 से बढ़कर 115 हो गई है, जो झील के पारिस्थितिकी तंत्र में विविधता को दर्शाता है।
15 साल बाद वापसी, एच74 कॉलर आईडी ने चौंकाया
इस पूरी गणना के दौरान सबसे रोमांचक पल वह था, जब विशेषज्ञों की नजर एक विशेष बारहेडेड गूज पर पड़ी। सीसीएफ सौरभ भाई पटेल ने बताया कि इस पक्षी के गले में एच74 नंबर की कॉलर आईडी लगी थी। जांच करने पर पता चला कि इस पक्षी को वर्ष 2011 की गणना के दौरान यह आईडी पहनाई गई थी। 15 साल बाद इस पक्षी का दोबारा उसी स्थान पर लौटना वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के लिए शोध का विषय है, जो पक्षियों की लंबी उम्र और अपने पुराने ठिकानों के प्रति उनकी वफादारी को साबित करता है।
पौंग झील में इन प्रजातियों के पक्षी पहुंचे
इस बार पौंग झील में बारहेडेड गूज 62,293, यूरेशियन कूट 12,118, नॉर्दर्न पिंटेल 11,928, कॉमन टिल 7,265, लिटिल कॉर्मोरेंट 4,544, कॉमन पौचार्ड 3,522 और ग्रे लेग गूज प्रजाति के 3242 पक्षी पहुंचे। इसके अलावा ग्रेट कारमोनेंट 1,663, रशियन विजन 1,658, नॉर्दन शावलर 1,512 और रिवर टर्न 1,179 सहित अन्य 103 प्रजातियों के 13,420 प्रवासी पक्षी भी पहुंचे हैं।