धर्मशाला। खंड कार्यालय धर्मशाला के अंतर्गत कार्यरत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी आशा देवी आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने एक अन्य महिला के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूह की शुरुआत की थी। आज उनके समूह से जुड़ीं 12 महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन चुकी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
पद्धर की रहने वाली आशा देवी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में घरेलू उत्पाद बनाना शुरू किए थे। धीरे-धीरे उनकी लगन और मेहनत से और महिलाएं उनसे जुड़ती गईं। वर्ष 2020 तक उनके साथ 12 महिलाएं काम करने लगीं। इसके बाद उन्हें स्वयं सहायता समूह से जुड़ने की जानकारी मिली, जिससे उनके कार्य को नई दिशा मिली। वर्तमान में आशा देवी और उनकी साथी महिलाएं घर पर ही साबुन, शैंपू, फेस व बॉडी वॉश, शहद, हल्दी की बड़ियां और अन्य आयुर्वेदिक व हर्बल उत्पाद तैयार कर रही हैं। घर पर मशीन लगाकर वे औषधीय पौधों से अर्क भी निकाल रही हैं। उत्पादों की बिक्री में निरंतर बढ़ोतरी से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। वे हर महीने लगभग दस हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। वर्तमान में धर्मशाला स्थित उपायुक्त कार्यालय के समीप पंचायती राज कार्यालय के पास ‘हिम ईरा’ सहित कुल चार दुकानें और एक रेस्तरां हैं, जहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कार्यरत हैं। आशा देवी ने बताया कि भागसूनाग में भी नई दुकान खोलने की योजना पर विचार चल रहा है। उनका कहना है कि यदि यह दुकान खुल जाती है, तो क्षेत्र की महिलाओं को और अधिक रोजगार मिलेगा तथा पर्यटकों के आने से बिक्री में भी वृद्धि की उम्मीद है। संवाद