जसूर (कांगड़ा)। विधानसभा क्षेत्र नूरपुर के खज्जियां गांव के समीप 22 मील क्षेत्र में निर्माणाधीन कंडवाल-भेड़खड्ड फोरलेन परियोजना के पास रहने वाले परिवार इन दिनों दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी पर अनियंत्रित और अवैज्ञानिक तरीके से ब्लास्टिंग (विस्फोट) करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
स्थानीय प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से कई बार शिकायत करने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अब प्रभावित परिवारों ने कांगड़ा के उपायुक्त को हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता गुरनाम सिंह, अनीता देवी, परमानंद, अर्जुन सिंह, शकुंतला, संत राम, हेमंत, माखन दीन और विजय कुमार का आरोप है कि निर्माण कंपनी पुराने पुल के कंक्रीट अवशेषों को हटाने के लिए उनके घरों से कुछ ही दूरी पर भारी विस्फोट कर रही है।
उनका कहना है कि बीते 24 मई को दोपहर के समय बिना पूर्व सूचना और आवश्यक प्रशासनिक अनुमति के अत्यधिक तीव्रता वाला विस्फोट किया गया। इस धमाके से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई और कई घरों में तेज कंपन और झटके महसूस किए गए। इससे ग्रामीणों के मकानों और जान-माल की सुरक्षा को बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
प्रभावित परिवारों ने मांग की है कि निर्माण कंपनी केवल स्वीकृत विस्फोटकों का ही उपयोग करे। इसके साथ ही किसी भी ब्लास्टिंग से पहले प्रशासनिक अनुमति ली जाए और आसपास के निवासियों को इसकी अग्रिम सूचना दी जाए। ग्रामीणों ने आबादी के निकट बड़े पैमाने पर की जा रही अवैज्ञानिक पहाड़ी कटाई पर भी चिंता जताई है, जिससे आगामी मानसून में भूस्खलन का भारी खतरा बन गया है।
समस्या का हल न हुआ तो होगी एफआईआर
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता नरिंद्र सिंह ने कहा कि पिछले चार वर्षों से प्रभावित परिवार पहाड़ी कटाई से उत्पन्न खतरे की ओर अधिकारियों का ध्यान खींच रहे हैं, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह ब्लास्टिंग और अवैज्ञानिक कटाई तुरंत नहीं रोकी गई तो प्रभावित परिवार कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने को मजबूर होंगे।
फोरलेन ब्लास्टिंग कार्य के दौरान सभी कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। इस कार्य से किसी भी घर को कोई खतरा नहीं है। -हरप्रीत सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, आईआरबी निर्माण कंपनी
निर्माणाधीन कंडवाल-भेड़खड्ड फोरलेन निर्माण में सड़क किनारे अवैज्ञानिक ढंग की ब्लास्टिंग के साये