जसूर (कांगड़ा)। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डालने वाली दवाइयों की लैब टेस्टिंग होगी। उपमंडल नूरपुर के राजा का बाग स्थित एक निजी स्कूल में आयरन टेबलेट (आयरन फोलिक एसिड) के डिब्बे को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। इसको जांच के लिए विभाग की ओर से दवा नियंत्रण विभाग को सौंपा जाएगा। मामले को लेकर वीरवार को एमसीएम स्कूल प्रबंधन ने भी अपना पक्ष रखा। पत्रकारवार्ता के दौरान एमसीएस स्कूल के प्रधानाचार्य मेघना महाजन ने कहा कि यह आयरन की गोली केंद्र सरकार के स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत प्रत्येक बुधवार को क्षेत्र के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों को दी गई हैं।
इसी के तहत स्कूल के विद्यार्थियों को भी यह दवा दी गई थी। इसमें विद्यार्थियों में सेवन के बाद चक्कर और उल्टियां जैसी समस्या सामने आई। इनमें दो छात्राओं को अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। सभी विद्यार्थी पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम से जसूर पीएचसी के इंचार्ज डॉ. मंगल दास और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पवन ने बताया कि बुधवार को क्षेत्र के कुल 63 सरकारी और निजी स्कूलों में यह दवा विद्यार्थियों को दी गई थी। इसमें पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पिंक गोली और छठी से जमा दो तक के छात्रों को नीली गोली दी गई थी। उन्होंने कहा कि बीएमओ नूरपुर डॉ. दिलवर सिंह के निर्देशानुसार दवाई को सील कर दिया गया है और आगामी जांच के लिए इसे दवा नियंत्रण विभाग के इंस्पेक्टर प्यार चंद ठाकुर के सुपुर्द किया जाएगा।