धर्मशाला के गणेश चुतर्थी पर निकाली शोभायात्रा में भाग लेते हुए स्थानीय लोग। अमर उजाला
सिद्धपुर (धर्मशाला)/बैजनाथ (कांगड़ा)। धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में बसे गोरखाली समुदाय की महिलाओं ने सोमवार को हरितालिका तीज का पावन पर्व श्रद्धा और सादगी के साथ मनाया। समुदाय की महिलाओं ने किसी बड़े सामूहिक आयोजन के बजाय अपने-अपने घरों में रहकर व्रत रखा तथा पारंपरिक वेशभूषा में भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। घरों में महिलाओं ने पारंपरिक तीज गीतों पर नृत्य कर समृद्ध संस्कृति की छटा बिखेरी।
उधर, बैजनाथ में भी महिलाओं ने मिट्टी से बनी शिव-पार्वती की प्रतिमाओं की पूजा कर विवाह उत्सव के रूप में पर्व मनाया। इस वर्ष यह पर्व केवल उत्सव तक सीमित न रहकर नेपाल में आई हालिया प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों के प्रति संवेदना का माध्यम भी बना।
समुदाय ने प्रभावित परिवारों की सलामती और शीघ्र पुनर्वास की प्रार्थना की। एकजुटता दिखाते हुए चीलगाड़ी, दाड़ी, सिद्धबाड़ी, तोतारानी और खनियारा सहित 17 गांवों के मुखियाओं ने विशेष सहायता कोष बनाकर राहत राशि जुटाई है। यह राशि जल्द ही अधिकृत माध्यमों से नेपाल के जरूरतमंद आपदा पीड़ितों तक भेजी जाएगी।
धर्मशाला के गणेश चुतर्थी पर निकाली शोभायात्रा में भाग लेते हुए स्थानीय लोग। अमर उजाला