नगरोटा सूरियां/बरियाल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के आदेश के बाद प्रदेशभर में अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है। कब्जाधारियों का कहना है कि भूमिहीन गरीबों और पौंग बांध विस्थापितों ने अपने पुनर्वास और आजीविका के लिए कब्जों पर घर और दुकानें बना ली हैं। यह संख्या लाखों में बताई जा रही है।
लंज के गांव ठाकुरद्वारा के सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर सरदारी लाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इस आदेश से प्रदेश के लाखों परिवार सड़क पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों के दौरान गरीबों को बसाने के वायदे किए थे, जिनमें वर्ष 1962, 1966 और 1971 में देशहित में शहादत देने वाले सैनिकों के परिवार भी शामिल हैं। सरदारी लाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि गरीबों और शहीद परिवारों के हित में सरकार उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आदेश पर पुनर्विचार करवाए।