हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा घाटी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के बीच हवाई संपर्क जल्द ही और मजबूत होने वाला है। पहली जुलाई से गगल हवाई अड्डा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के बीच इंडिगो एयरलाइन की सीधी उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है। इस नई सेवा के शुरू होने से यात्रियों को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही कांगड़ा तक पहुंचना भी पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा। यह सुविधा सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी।
उड़ान अनुसूची और यात्रा का समय: इंडिगो एयरलाइन द्वारा जारी की गई नई उड़ान अनुसूची के अनुसार, विमान सुबह 9:55 बजे नोएडा (जेवर) एयरपोर्ट से उड़ान भरेगा और 11:40 बजे गगल हवाई अड्डे पर पहुंचेगा। इसके बाद, दोपहर 12:00 बजे गगल से रवाना होकर यह विमान 1:40 बजे नोएडा पहुंचेगा। इस प्रकार, दोनों शहरों के बीच हवाई यात्रा का समय मात्र 1 घंटा 40 मिनट रहेगा।
पर्यटन और श्रद्धालुओं को सीधा लाभ: इस नई सीधी उड़ान सेवा का सबसे बड़ा लाभ धर्मशाला, मैक्लोडगंज, कांगड़ा, चामुंडा, ज्वालाजी और कांगड़ा देवी मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मिलेगा। यह सेवा वीकेंड पर्यटन को भी नई गति प्रदान करने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
किराये में उतार-चढ़ाव की संभावना: हालांकि, शुरुआती दिनों में इस नई उड़ान सेवा के किराए में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, सामान्य दिनों में धर्मशाला-नोएडा का किराया लगभग 7,938 रुपये रहने का अनुमान है, जबकि सप्ताहांत पर, विशेष रूप से शनिवार को यह किराया 23,688 रुपये और रविवार को 18,333 रुपये तक पहुंच सकता है।
प्रदेश के पर्यटन और हवाई संपर्क को नया आयाम: गगल एयरपोर्ट के निदेशक अमित सकलानी ने बताया कि एक जुलाई से गगल एयरपोर्ट नोएडा (जेवर) एयरपोर्ट से औपचारिक रूप से जुड़ जाएगा। विमानन कंपनियों ने नई उड़ान का शेड्यूल और किराया अपनी वेबसाइटों पर जारी कर दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सेवा से प्रदेश के पर्यटन उद्योग और हवाई संपर्क को एक नया आयाम मिलेगा।
सेवा प्रदाता: इंडिगो एयरलाइन
प्रारंभ तिथि: 1 जुलाई 2026
मार्ग: गगल हवाई अड्डा (कांगड़ा) - नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)
यात्रा समय: लगभग 1 घंटा 40 मिनट
उड़ानें: सप्ताह के सातों दिन
यह नई कनेक्टिविटी न केवल यात्रियों के लिए यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।