विकास की बात...
वेपकॉस कंपनी ने सर्वे कर विभाग को सौंपी है रिपोर्ट
विशेषज्ञ कर रहे रिपोर्ट का रिव्यू, संशोधन की संभावनाओं की हो रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। हवाई अड्डा गगल के विस्तार के लिए मांझी खड्ड के चैनलाइजेशन के साथ इस पर बनने वाले रनवे पुल निर्माण के लिए वेपकॉस और केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधानशाला (सीडब्ल्यूपीआरएस) पुणे की तैयार रिपोर्ट का रिव्यू एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञ करेंगे।
वेपकॉस और सीडब्ल्यूपीआरएस पुणे की टीम ने संयुक्त रूप से 135 पेज का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस ड्राफ्ट में पुल के डिजाइन, सुरक्षा उपायों और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को लेकर विस्तृत प्रावधान किए हैं।
बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में मांझी खड्ड में ट्रेपेजियम आकार में पुल तैयार किया जाना है। इस प्रस्तावित पुल की लंबाई 380 मीटर और चौड़ाई करीब 340 मीटर दशाई गई है। ड्राफ्ट रिपोर्ट में मांझी खड्ड पर बनने वाले पुल के आकार के साथ उसकी सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले एहतियाती उपायों का भी उल्लेख है। बरसात के दौरान खड्ड में आने वाले पत्थरों और गाद को पुल तक पहुंचने से पहले रोकने के लिए सराह खड्ड सहित अन्य सहायक खड्डों में भी चेकडैम बनाने का प्रस्ताव रखा है।
चैक डैम के माध्यम से मांझी और सहायक खड्डों, नालों के बरसात के दौरान पानी के तेज बहाव को कम करने के बारे में बताया गया है। साथ ही इनमें एकत्रित होने वाली गाद और पत्थरों को वैज्ञानिक तरीके से बाहर निकालने का भी जिक्र है। वेपकॉस कंपनी और सीडब्ल्यूपीआरएस की ओर से तैयार इस ड्राफ्ट का रिव्यू एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञ कर रहे हैं। इसमें तैयार ड्राफ्ट में कुछ और जोड़ने अथवा संशोधन की संभावनाओं को जांचा जाएगा। एनआईटी विशेषज्ञों से ड्राफ्ट को मंजूरी मिलती है तो पुल निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
उधर, जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि वेपकॉस और सीडब्ल्यूपीआरएस के तैयार ड्राफ्ट को एनआईटी हमीरपुर के पास रिव्यू के लिए दिया गया है। रिव्यू रिपोर्ट के आधार पर रनवे पुल निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।