जसूर (कांगड़ा)। कंडवाल से लेकर सियूनी तक के फोरलेन योजना के प्रभावित लोगों को उनकी जमीन व परिसरों के अधिग्रहण की एवज में मुआवजा राशि देने का कार्य अंतिम चरण में है। कुछ दिनों में भू- अधिग्रहण प्रशासन उनके खाते में मुआवजे की रकम डाल सकता है।
करीब 145 करोड़ की राशि की अदायगी से पूर्व प्रभावित लोगों के क्लेम संबंधी मामलों को सावधानी पूर्वक विभाग जांच रहा है। कम मुआवजे को लेकर फोरलेन प्रभावित लोगों की आपत्तियों का भी भू अधिग्रहण प्रशासन जांच कर रहा है। गौरतलब है कि कई माह पूर्व दिए गए मुआवजे के अवार्ड लेटर की राशि प्रभावित लोगों के खाते में न पहुंचने पर इन लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाए थे।
उधर, विभाग का अवलोकन कार्य कोविड-19 के कारण भी प्रभावित हो रहा था तथा विभाग क्लेम को अंतिम रूप देने से उसकी तकनीकी रूप से जांच में जुटा था। क्लेम राशि बैंक खाते में डालने की कवायद में जुटे विभाग के पास काफी लोगों की ओर से उनकी भूमि का मुआवजा काफी कम देने के विरोध में संबंधित विभागों को क्लेम संबंधी स्वीकृति संबंधी कागजात व बैंक खाता डिटेल भी नहीं दी गई थी।
फोरलेन संघर्ष समिति और मानवाधिकार लोकवाडी ने इस जहां पहले इस अवार्ड को न स्वीकार करने का लोगों से आह्वान किया था, लेकिन बाद में इन संस्थानों की ओर से विचार किया गया कि इस अवार्ड की चुनौती देने के लिए इसको पहले स्वीकार करना पड़ेगा तथा इसके बाद ही इसे आर्बिट्रेटर के पास चुनौती दिए जाने दिए जाने का आधार बन सकता है। लोक बॉडी अध्यक्ष राजेश पठानिया द्वारा उन लोगों जिन्होंने किसी कारण अभी तक अपने क्लेम को सक्षम अधिकारी को पेश नहीं किया है, तुरंत जमा कराने का आग्रह किया है ।
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क्या कहते हैं अधिकारी
क्लेम के मामलों को गहराई से जांच करके उनको अंतिम रूप दिया जा रहा है । रिकॉर्ड का पुष्टि कार्य समाप्त होते ही 145 करोड़ की मुआवजा राशि फोरलेन प्रभावित लोगों के बैंक खातों में डालने की कवायद शुरू कर दी जाएगी। थ्री डी सुपर सप्लीमेंट्री की सूची भी अपलोड कर दी गई है तथा इसका प्रकाशन सरकार द्वारा शीघ्र किए जाने की संभावना है।- सुरेंद्र ठाकुर, भू अधिग्रहण अधिकारी।