धर्मशाला। कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी उपमंडल के तहत आने वाले जतलाहर गांव में खेत की मेड़ उखाड़ने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद मारपीट तक जा पहुंचा। मामले की सुनवाई करते हुए देहरा स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-2 की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों को सही पाया है।
अदालत ने ऊषा देवी, रीता देवी, कृष्ण कुमार और शशि बाला उर्फ बालो को आईपीसी की धारा 451, 323, 504, 506 और 34 के तहत दोषी ठहराया है। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी अनीश की मौत हो चुकी है, जिसके चलते उसके खिलाफ कार्रवाई पहले ही बंद कर दी गई है। अदालत ने सजा के निर्धारण के लिए 12 जून की तारीख मुकर्रर की है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 31 मई, 2020 की है। शिकायतकर्ता सिंदो देवी जब अपने खेतों में काम कर रही थीं, तो आरोपी खेत की मेड़ उखाड़ रहे थे। विरोध करने पर कहासुनी हुई और बाद में आरोपी उनके घर पहुंच गए। घर में घुसकर आरोपियों ने शिकायतकर्ता के पति कृष्ण लाल के साथ जमकर मारपीट की, जिसमें वे घायल हो गए थे। अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अदालत ने सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और बयानों को विश्वसनीय मानते हुए यह फैसला सुनाया।