होली उतराला मार्ग को मिली वन मंजूरी
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हिमाचल प्रदेश के दो बड़े जिलों कांगड़ा और चंबा की दूरी को कम करने वाले होली उतराला मार्ग की वन मंजूरी का मामला सुलझ गया है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वन विभाग के पालमपुर डिवीजन के तहत आने वाले उतराला से सुराही पास तक के 33 किलोमीटर मार्ग की अनुमति प्रदान कर दी है। फॉरेस्ट क्लीयरेंस का यह मामला प्रदेश सरकार की ओर से 2019 में मंत्रालय के ध्यान में लाया गया था। उसके बाद किए गए प्रयासों के तहत जनवरी 2021 में प्रदेश सरकार ने 1980 की धारा 2 के तहत मंत्रालय से इसकी स्वीकृति मांगी थी। मंत्रालय ने 6 जनवरी 2022 को इस मार्ग के निर्माण को लेकर उसे सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी थी। लोक निर्माण विभाग के बैजनाथ डिवीजन के तहत आने वाली उतराला से सुराही पास की 33 किलोमीटर सड़क के निर्माण का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार इस मार्ग की फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए प्रदेश सरकार ने जारी 2.10 करोड़ की राशि जमा करवा दी है। उतराला से बकलोड़ के 13 किलोमीटर के मार्ग के निर्माण के लिए 14 करोड़ की राशि नाबार्ड के तहत जारी की जा चुकी है। इसका कार्य चला हुआ है। बकलोड़ से सुराही पास के 20 किलोमीटर मार्ग के निर्माण की डीपीआर मई माह में 21 करोड़ की अनुमानित राशि के साथ प्रेषित कर दी गई है और जल्द ही नाबार्ड के तहत यह राशि जारी होने की उम्मीद है। इस प्रकार उतराला से होली तक के कुल 60 किलोमीटर मे ंसे बैजनाथ डिवीजन के तहत आने वाले 33 किलोमीटर मार्ग का निर्माण कार्य अब जल्द पूरा होगा। भरमौर डिवीजन के तहत आने वाले आगे के मार्ग का कार्य जारी है। विभाग के अधिशासी अभियंता केके भारद्वाज ने बताया कि उतराला से सुराही पास तक फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल चुकी है। विधायक मुलख राज प्रेमी ने इसके लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वन मंत्री राकेश पठानिया का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग का निर्माण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल था, जो सरकार के लगातार प्रयासों से यह संभव हो सका है।