धर्मशाला। फायर सीजन शुरू होते ही वन विभाग ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। वन मंडल धर्मशाला के तहत विभाग की ओर से छह कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। साथ ही ब्लॉक स्तर पर पांच और हैडक्वार्टर स्तर पर एक कमेटी का भी गठन किया गया है।
वहीं, आग की घटनाओं की जानकारी देने के लिए विभाग की ओर से नंबर भी जारी किए गए हैं। वन मंडल धर्मशाला के तहत पिछले साल जंगलों में आग लगने के 312 मामले सामने आए थे, जिसमें करीब 918 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ था। इस वजह से वन संपदा को 3,61,007 रुपये का नुकसान झेलना पड़ा था। वन बीट धर्मशाला के तहत 80, कांगड़ा के तहत 100, मलां में 72, लपियाना में 42 और शाहपुर बीट में आग लगने के 18 मामले सामने आए थे।
फायर सीजन के लिए निपटने के लिए विभाग की ओर से अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बैठकें कर उन्हें सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, फायर सीजन के दौरान वन कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं। जिला आपदा प्रबंधन की ओर से भी वन विभाग को आग से निपटने के लिए उपकरण दिए गए हैं। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि जंगलों में आग लगने के दौरान विभाग का सहयोग करें और इसकी जानकारी हेल्पलाइन नंबर पर दें, ताकि जल्दी आग पर काबू पाया जा सके।
विभाग के अनुसार वन मंडल धर्मशाला के तहत 68 स्वयं सहायता समूह और जाइका की 10 सोसायटियों के 20 ग्रुप विभाग के साथ जुड़े हैं, जो आग पर काबू पाने में उनकी मदद करते हैं। वन विभाग ने कंट्रोल रूम के नंबर की जारी किए हैं। डिवीजन धर्मशाला में लोग 70188-15171 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा धर्मशाला रेंज में 82645-85211, कांगड़ा में 98169-99978, शाहपुर में 82645-85211, 94598-38371, लपियाना के लिए 98161-85768 और मला रेंज के लिए 90412-87210 पर संपर्क कर सकते हैं।
कोट्स...
वन विभाग की ओर से फायर सीजन के लिए तैयारियां कर ली गई हैं। रेंज स्तर पर पांच और एक डिवीजन स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। इसके अलावा वन मंडल धर्मशाला के तहत छह कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
-दिनेश शर्मा, डीएफओ, वन मंडल, धर्मशाला