उपमंडलीय आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। उपमंडलीय आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा में अब मरीजों को आयुर्वेद के साथ होम्योपैथिक पद्धति से भी इलाज हो सकेगा। आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा में सोमवार को होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. बबीता ने कार्यभार संभाल लिया है। होम्योपैथी में विश्वास रखने वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी। लोगों को अब एक ही छत के नीचे आयुर्वेद के साथ होम्योपैथी पद्धति से इलाज हो सकेगा।
एलोपैथिक और आयुर्वेदिक पद्धति के साथ साथ होम्योपैथी न केवल सुरक्षित है बल्कि यह बीमारी के मूल कारण को ठीक करने में भी कारगर है। देहरा, ज्वालामुखी और जसवां परागपुर हलके में पहली बार किसी अस्पताल में होम्योपैथिक चिकित्सक की तैनाती हुई है। डॉ. बबीता का कहना है कि यह पद्धति लोगों की प्रतिरोधक क्षमता के साथ ही यह बच्चों और महिलाओं में काफी असरकारक है। समय के साथ साथ लोगों के बीच आयुर्वेद और होम्योपैथी पर विश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी एक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है जो शरीर की संतुलन क्षमता को बढ़ाती है। इस चिकित्सा पद्धति से कई लोग इलाज करवाने में विश्वास रखते हैं। इस पद्धति से दवाओं के साइड इफेक्ट्स की संभावना कम होती है। दवाएं बुखार, सर्दी, खांसी, पेट रोग, त्वचा रोग सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
उधर, इस बारे में उपमंडलीय आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा के उप मंडलीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण शर्मा ने कहा कि आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा में पहली बार होम्योपैथिक चिकित्सक की तैनाती हुई है। इलाके के लोग देहरा में होम्योपैथी पद्धति से इलाज कर सकेंगे।