पालमपुर (कांगड़ा)। फूलों की खेती से वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) संस्थान पालमपुर किसानों की आर्थिकी मजबूत करने में कई दिन से काम कर रहा है। इसे लेकर संस्थान ने फ्लोरीकल्चर मिशन के तहत प्रदेश में फूलों की खेती को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान ने सोलन, मंडी, बिलासपुर, शिमला और हमीरपुर जिलों के किसानों को 1.66 लाख से अधिक कार्नेशन की पौध उपलब्ध करवाई। यह पौध लगभग 1.5 हेक्टेयर भूमि पर लगाई जाएगी और इससे सीधे तौर पर 130 से अधिक किसानों को लाभ होगा। इस सहयोग से किसानों की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ आजीविका के नए अवसर खोलेगा। पौध सामग्री के साथ सीएसआईआर किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान कर रहा है। इसे लेकर संस्थान के विशेषज्ञ किसानों के खेतों का दौरा कर उनकी समस्याओं फसल प्रबंधन, रोग और कीट नियंत्रण, पोषक तत्व उपयोग सहित आधुनिक संरक्षित खेती की तकनीकों से संबंधित समाधान सुझाते हैं।
इससे किसानों को रोगमुक्त और उच्च उत्पादक पौधे ही नहीं मिलते, बल्कि उन्हें अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता वाले फूल प्राप्त करने की जानकारी भी मिलती है। संस्थान के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने कहा कि इस पहल ने किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या जैसे गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद पौध सामग्री की उपलब्धता को दूर किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर सहयोग से हिमाचल में कार्नेशन की खेती और अधिक बढ़ेगी। कार्नेशन पौध प्राप्त करने वाले किसानों ने इस पहल के प्रति उत्साह और आशा व्यक्त की है। उनका मानना है कि यह प्रयास पहाड़ी क्षेत्रों में पुष्प खेती को नई दिशा देगा और किसानों की आय बढ़ाएगा।