बरियाल (कांगड़ा)। सर्दियों की आहट के साथ ही पौंग झील में विदेशी प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। अब तक झील में करीब 2,000 प्रवासी और इतने ही स्थानीय पक्षी देखे जा चुके हैं। पक्षियों की बढ़ती चहचहाहट से झील का प्राकृतिक सौंदर्य निखरने लगा है। विभाग के अनुसार किस प्रजाति के कितने पक्षी पौग झील में पहुंचे हैं, इसकी सही जानकारी अगले सप्ताह होने वाली साप्ताहिक गणना से पता चलेगी।
इस बार नगरोटा सूरियां क्षेत्र में दो दुर्लभ प्रजातियों रेड-टेल्ड श्राइक और रेड-बैक्ड श्राइक की मौजूदगी ने पक्षी प्रेमियों की उत्सुकता बढ़ा दी है। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव चौधरी ने इन पक्षियों को अपने कैमरे में कैद किया है। इनकी प्रदेश में पहली बार मौजूदगी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
वन्यप्राणी परिक्षेत्र नगरोटा सूरियां के अधिकारी सुभाष चंद ने बताया कि प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए 10 अक्तूबर को बीटवार टीमें गठित की जाएंगी। ये टीमें दिन-रात निगरानी रखेंगी। तापमान में गिरावट के साथ आने वाले दिनों में प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
हर वर्ष पौंग झील अक्तूबर से मार्च तक सर्दियों में चीन, साइबेरिया, दक्षिणी अफ्रीका, तिब्बत आदि सुदूर देशों से आने वाले हजारों प्रवासी पक्षियों को आश्रय देती है। इनकी सुरक्षा के लिए प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखना और मानवीय गतिविधियों पर नियंत्रण आवश्यक है।