कांगड़ा। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश की ब्लॉक एवं शहरी इकाई की बैठक सोमवार को ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश चौधरी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के चेयरमैन सुरेश ठाकुर, ने बतौर मुख्य अतिथि जबकि महासचिव रविंदर राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान पेंशनरों की लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी उपस्थित सदस्यों ने 17 अक्तूबर को धर्मशाला में आयोजित होने वाली जिला स्तरीय संयुक्त संघर्ष रैली में भाग लेने का पूर्ण समर्थन दिया।
बैठक में पेंशनरों को निर्देश दिए गए कि वे अधिक से अधिक संख्या में रैली में भाग लें। वक्ताओं ने बताया कि प्रदेशभर में सरकार की उपेक्षा के चलते पेंशनरों में भारी रोष है। धर्मशाला में होने वाली रैली में लगभग 5000 से अधिक पेंशनरों के शामिल होने की संभावना है। इसी प्रकार की रैलियां प्रदेश के अन्य जिलों में भी आयोजित की जाएंगी। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह पेंशनरों की वैध देनदारियों का समय पर भुगतान नहीं कर रही, जिससे पेंशनरों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बैठक में प्रभात चौधरी, सुरेश चौधरी, रमेश नंदा, रोशन लाल सीहोत्रा, डॉ. सुरिंदर निखल गुप्ता, बाबू राम चौधरी, सालिग राम चौधरी, स्वरूप सिंह, सरवन गुलेरिया, अशोक तिवारी, सुमन कौंडल, अशोक धीमान, अमर सिंह, प्रमोद पड्डा और रुमेल सिंह सहित कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट एवं कम्युटेशन का भुगतान।
13 फीसदी महंगाई भत्ता एवं 111 महीनों का एरियर।
पिछले 5 वर्षों के चिकित्सा बिलों का भुगतान।
एचआरटीसी पेंशनरों को प्रत्येक माह की पहली तारीख को पेंशन मिले।
बिजली बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ मिले।