खटियाड़ के ऐतिहासिक तालाब में सफाई अभियान के दौरान श्रमदान करते मत्स्य विभाग के अधिकारी और अन्य
फतेहपुर (कांगड़ा)। खटियाड़ के ऐतिहासिक तालाब का कायाकल्प करने के लिए मत्स्य विभाग ने स्थानीय संस्थाओं और ग्रामीणों के सहयोग से सघन सफाई अभियान चला रखा है। विश्व सफाई दिवस के उपलक्ष्य में 20 सितंबर से शुरू हुआ यह 30 दिवसीय अभियान 20 अक्तूबर तक जारी रहेगा।
अभियान के तहत विभाग और ग्रामीण मिलकर तालाब में लंबे समय से जमा कूड़े-कचरे और गंदगी को बाहर निकाल रहे हैं। साथ ही आसपास के क्षेत्र को भी स्वच्छ बनाया जा रहा है। मत्स्य विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से ‘मेरा जलस्रोत, मेरी जिम्मेदारी’ और ‘जलस्रोतों की सफाई करें, जलीय जीवन बचाएं’ का संदेश देकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
मत्स्य अधिकारी पौंग बांध पंकज पटियाल ने कहा कि जलस्रोतों का संरक्षण केवल विभाग का दायित्व नहीं है, बल्कि इसमें आम जनमानस की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अपील की कि लोग प्राकृतिक जलस्रोतों में गंदगी और कचरा न फेंकें।
सफाई अभियान में श्री गुगा जाहर पीर जी सेवा एवं जनकल्याण समिति, मत्स्य सहकारी सभा खटियाड़ और स्थानीय ग्रामीण लगातार श्रमदान कर रहे हैं। समिति के प्रधान अवतार सिंह राजू ने कहा कि तालाब हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं और इनका संरक्षण समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।