धर्मशाला। बंगलूरू के लुलु ग्लोबल मॉल के फंटुरा ट्रैम्पोलिन पार्क में बास्केटबाल खेलते समय बाएं हाथ की अनामिका अंगुली गंवाने वाले धर्मशाला निवासी शारीरिक शिक्षा शिक्षक को जिला उपभोक्ता आयोग ने राहत दी है।
आयोग ने मॉल प्रबंधन को आदेश दिया है कि वह शिक्षक को 8,22,111 रुपये मुआवजा दे। साथ ही शिकायत दायर करने की तारीख से भुगतान होने तक 6.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मॉल और उससे जुड़ीं फर्माें को 25 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी संयुक्त रूप से देना होगा।
आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। आयोग के समक्ष तेंजिन कुंगा ने शिकायत में कहा था कि वह 12 अप्रैल 2024 को अपने दोस्त के साथ बंगलूरू स्थित लुलु ग्लोबल मॉल गए थे।
इस दौरान ट्रैम्पोलिन के पास बास्केटबाल खेलते समय छलांग लगाकर गेंद डालने के दौरान उनका बायां हाथ धातु के बास्केटबॉल रिंग से टकराया और अनामिका अंगुली उसमें फंस गई। इससे अंगुली मौके पर ही कट गई।
घायल शिक्षक को पहले अपोलो अस्पताल बंगलूरू ले जाया गया, जहां अंगुली को दोबारा जोड़ने की आपात सर्जरी की गई। हालांकि, ऊतक में संक्रमण और गैंग्रीन के कारण यह प्रयास सफल नहीं हुआ।
चिकित्सकीय सलाह पर बाद में धारवाड़ के एसडीएम कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं अस्पताल में उनकी अंगुली काटनी पड़ी। इलाज पर करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए।
मॉल प्रबंधन ने दावा किया था कि प्रवेश से पहले शिक्षक को अंगूठी उतारने के निर्देश दिए गए थे और ट्रैम्पोलिन क्षेत्र में सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई थी। प्रबंधन ने हादसे के लिए शिकायतकर्ता की लापरवाही को जिम्मेदार बताया था।
आयोग ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने सीसीटीवी फुटेज, रखरखाव संबंधी दस्तावेज और तस्वीरों का अध्ययन करने के बाद कहा कि कर्मचारियों ने सुरक्षा नियमों के पालन के लिए शिकायतकर्ता को रोकने या उसकी जांच करने के प्रभावी प्रयास नहीं किए।
साथ ही ट्रैम्पोलिन क्षेत्र में कोई प्रशिक्षक या पर्यवेक्षक भी मौजूद नहीं था। आयोग ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को मुआवजा राशि अदा करने का निर्देश दिया है।