फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra News: 15 से पहले फलदार पौधों का रोपण न करें किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
धर्मशाला। प्रदेश में लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों की नमी लगभग खत्म होने की स्थिति में है। लगातार जारी ड्राई स्पेल (सूखे जैसे हालात) को देखते हुए उद्यान विभाग ने 15 दिसंबर से पहले किसी भी प्रकार के सर्दियों में लगाए जाने वाले फलदार पौधों का रोपण न करने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिसंबर के बाद भी जिन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां किसान पौधरोपण से बचें। जहां सिंचाई की सुविधा है, वहां किसान 15 दिसंबर के बाद पौधरोपण कर सकते हैं।
विज्ञापन

उद्यान विभाग ने सर्दियों में फलदार पौधों की देखभाल, रखरखाव और संरक्षण को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि खराब, सूखी और कमजोर टहनियों की छंटाई कब और कैसे करनी है। छंटाई के बाद उन पर दवा लगाना क्यों जरूरी है। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में पौधों को बचाने के तरीके भी एडवाइजरी में शामिल बताए गए हैं। विभाग ने समय पर खाद डालने और आवश्यक दवाओं का छिड़काव करने की भी सलाह दी है। वर्तमान मौसम में बारिश न होने से छोटे पौधों पर विशेष असर पड़ सकता है, वहीं कोहरा और धुंध भी पौधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। एडवाइजरी के मुताबिक किसान इस समय बगीचों में सिंचाई करें और पौधों के तनों के पास ग्रास मल्चिंग करें, जिससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहे। फलदार पौधों पर उगी जंगली हटनियों, सूखी टहनियों तथा कमजोर शाखाओं को काटकर उनके कटे हिस्से पर बोर्डो मिश्रण या बोर्डो पेस्ट लगाने की सलाह दी है। कॉपर सल्फेट, चूना और पानी से तैयार यह मिश्रण पौधों को फफूंद और बैक्टीरिया जनित रोगों से बचाता है। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में छोटे पौधों पर घास मल्चिंग करने और दो से तीन दिन बाद सिंचाई करने की सलाह दी गई है।
जनवरी में पौधों को फॉस्फोरस और पोटाशियम की उचित मात्रा देने तथा पौधों के आसपास सफाई बनाए रखने पर जोर दिया गया है। सर्दियों में लगाए जाने वाले फलदार पौधों के लिए 1×1×1 मीटर के गड्ढे में ऑर्गेनिक खाद मिलाकर पौधा लगाने और पर्याप्त पानी देने की सलाह दी है।
विज्ञापन

- लंबे समय से बारिश नहीं हो रही है, जिससे खेतों की नमी सूख गई है। ऐसे में बिना सिंचाई या बारिश से किसान 15 दिसंबर से पहले पौधरोपण न करें। इसके अलावा पौधों का ध्यान रखने के लिए विभाग ने जो एडवाइजरी जारी की है, उसका खास ध्यान रखें।
विज्ञापन

- डॉ. अलक्ष पठानिया, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, कांगड़ा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें