धर्मशाला। जिले में साहसिक गतिविधियों की इंद्रुनाग और बीड़-बीलिंग पैराग्लाइडिंग साइट का मरम्मत और मैट बिछाने का कार्य नहीं हो पाया है। इन गतिविधियों के दो माह के प्रतिबंध के दौरान विभाग की ओर से इन कार्याें को संबंधित साइट में पंजीकृत एसोसिएशन के सहयोग से पूरा करवाया जाना था। लगातार जारी बारिश के कारण कार्यों को अभी तक पूरा नहीं करवाया गया है। 15 सितंबर से इन गतिविधियों पर लगे प्रतिबंध के हटने के बाद पैराग्लाइडिंग शुरू होनी है।
पर्यटन विभाग की ओर से इंद्रुनाग और बीड़ की पैराग्लाइडिंग टेक ऑफ साइट पर मैट बिछाई जानी है। इसमें बीड़ साइट पर करीब 16 लाख रुपये मैट और मरम्मत कार्य करने का प्रावधान किया गया है। वहीं, इंद्रुनाग साइट पर भी जूट की मैट बिछाई जानी है और दोनों साइट के लिए मैट विभाग के पास पहुंच चुकी है। इस बार ज्यादा बारिश के चलते टेक ऑफ साइट पर मरम्मत कार्य करने के लिए विभाग को भी समय नहीं मिला है।
नरवाणा साइट के लिए सेना से नहीं मिली एनओसी
बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद 15 सितंबर से पैराग्लाइडिंग गतिविधियां शुरू होनी हैं लेकिन अभी तक विभाग को नरवाणा साइट में गतिविधियों के आयोजन के लिए सेना से एनओसी नहीं मिली है। इस साइट के समीप सेना क्षेत्र होने के चलते इसको तीन वर्षाें के लिए अधिसूचित किया गया था, जिसकी समयावधि समाप्त हो चुकी है। इसके चलते विभाग ने दोबारा से एनओसी प्राप्त करने के लिए विभाग को पत्र लिखा है।
- बीड़ बीलिंग और इंद्रुनाग साइट पर मरम्मत और मैट बिछाने के कार्य को पूरा करने के लिए विभाग प्रयासरत है। लगातार जारी बारिश के कारण यह कार्य नहीं हो पाया है। कोशिश है कि 15 सितंबर इसे पूरा किया जाए। वहीं, नरवाणा साइट पर गतिविधियों के आयोजन को लेकर अभी सेना से एनओसी नहीं मिली है। - विनय धीमान, जिला पर्यटन विकास अधिकारी कांगड़ा।