देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। देहरा शहर में सड़क के किनारे कई पेड़ सूख गए हैं, जो हर समय हादसों को न्योता दे रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-503 सहित कई संपर्क मार्गों पर भी दर्जनों सूखे पेड़ों के कारण वाहन चलाना किसी जोखिम से कम नहीं है। सूखे पेड़ों के साथ कई हरे पेड़ भी वाहन चालकों के साथ दुकानदारों के लिए भी मुसीबत बने खड़े हैं। इन पेड़ों की शाखाएं तेज हवाएं चलने पर खतरनाक ढंग से सड़क, दुकान और घरों पर झूलती रहती हैं। देहरा के साथ लगते सुनहेत बाजार के दुकानदार और लोग हर समय दुर्घटना को लेकर डरे रहते हैं, विशेषकर तब जब तेज हवा चल रही हों।
सुनेहत के सारे बाजार में सफेदे के दर्जनों पेड़ सड़क किनारे हैं। तेज हवा चलने के दौरान यदि कोई पेड़ या बड़ी शाखा टूटती है तो किसी दुकान या घर को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त करने के लिए काफी है। अगर देखा जाए तो देहरा के तहसील चौक के पास लोक निर्माण विभाग के एससी कार्यालय, जल शक्ति विभाग की ओर जाने वाली सड़क किनारे, लोअर सुनेहत की ओर जाने वाले लिंक रोड के मुहाने पर, सुनहेत बाजार, नेहरनपुखर बाजार, ढलियारा से डाडासीबा संपर्क मार्ग किनारे, नैहरनपुखर से रक्कड़ संपर्क मार्ग किनारे कई पेड़ न केवल सूख गए हैं, बल्कि दुर्घटना को भी दावत दे रहे हैं। प्रशासन भी इन सूखे पेड़ों को जल्द से जल्द काटने या हटाने पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। दरअसल, शहर और आसपास दर्जनों पेड़ सूख कर अंतिम घड़ियां गिन रहे हैं।
- शहर के तहसील चौक के साथ सड़क किनारे लगे पेड़ सूखकर दुर्घटना को दावत दे रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी घटना घट सकती है। ये पेड़ कई महीने से सूखे हुए हैं। यदि तेज आंधी या तेज बारिश हुई तो कभी भी गिर जाएंगे। प्रशासन को अविलंब सूखे पेड़ को हटा देना चाहिए।
- परीक्षित ठाकुर, स्थानीय निवासी
- राष्ट्रीय राजमार्ग 503 पर भरवाईं से रानीताल तक कई सूखे पेड़ सड़क किनारे खड़े हैं। इसके बाद भी इन पेड़ों को काटा नहीं जा रहा है। सूखे पेड़ों के कारण दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। रोजाना इस सड़क से सैकड़ों वाहन आवाजाही करते हैं। प्रशासन और वन विभाग तुरंत इन पेड़ों को हटाए।
- ईशू ठाकुर, स्थानीय निवासी
- बरसात में तेज बारिश होने पर देहरा शहर के आसपास या सड़क किनारे सूखे या विशालकाय हरे पेड़ गिरने से दुर्घटना होने का भय लोगों को सता रहा है। सड़क पर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही होती रहती है। इन्हें हटाने के लिए कोई अधिकारी गंभीर नहीं दिख रहा।
- ईशान शर्मा, स्थानीय निवासी
शहर और आसपास की मुख्य सड़क किनारे सूखे पेड़ पूरी तरह से खोखले हो रहे हैं। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। सुनहेत और नैहरनपुखर बाजार में कई सफेदे के पेड़ हादसे को न्योता दे रहे हैं। इन सफेदे के पेड़ों के कारण दुकानदार, घरों के मालिक और राहगीर सहमे रहते हैं। तेज हवाओं के कारण कई बार पेड़ टूट जाते हैं।
- सुधीर शर्मा, स्थानीय निवासी
- सड़क किनारे सूखे या खतरनाक पेड़ों को काटने के लिए लोग एसडीएम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की एक प्रतिलिपि वन विभाग को भी दें। उसके बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- सन्नी वर्मा, डीएफओ देहरा