धर्मशाला। गलत साइड से कार चलाने से हुए सड़क हादसे के मामले में दोषी करार दिए गए सुरेश कुमार निवासी महाल सकराला देहरा को निचली अदालत से मिली एक माह की सजा को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सपना पांडेय की अदालत ने बरकरार रखा है।
अदालत ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया। मामला 13 अप्रैल, 2016 की रात करीब 10:30 बजे लोअर सुनेहत का है। अभियोजन के अनुसार सुरेश कुमार कार को गलत दिशा में तेज और लापरवाही से चला रहा था।
इस दौरान उसकी कार कपिल धीमान निवासी बाड़ी की कार से टकरा गई। हादसे में कपिल और उनकी बुआ कौशल्या देवी घायल हुए थे। जांच में दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर यांत्रिक निरीक्षण कराया गया और घायलों का चिकित्सकीय परीक्षण हुआ।
अभियोजन ने सात गवाह पेश किए। एक गवाह के पक्षद्रोही होने के बावजूद अदालत ने घायल कपिल और कौशल्या देवी की गवाही को महत्वपूर्ण माना। अदालत ने कहा कि गवाही में मामूली विरोधाभास होने से अभियोजन का मामला कमजोर नहीं होता।
अदालत ने यह भी माना कि हादसा आरोपी की कार के गलत दिशा में जाने से हुआ था। आरोपी के पास वैध वाहन चलाने का लाइसेंस और वाहन का वैध पंजीकरण भी नहीं था।
निचली अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 337 तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 और 192 के तहत दोषी ठहराते हुए अलग-अलग सजा सुनाई थी। सभी कारावास की सजाएं साथ-साथ चलने के आदेश थे।
अपीलीय अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए सजा कायम रखी और आरोपी को निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए। आत्मसमर्पण न करने पर उसके खिलाफ वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।