देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। शिमला से मटौर फोरलेन के निर्माण कार्य के चलते लोगों को पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ा रहा है। लोगों का कहना है कि ज्वालामुखी से रानीताल के बीच जारी फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान कई पेयजल पाइपों को तोड़ दिया है।
इससे गर्मी के मौसम में लोगों का परेशानी का सामना करना पड़ा है। उपमंडल देहरा के तहत पाइसा पंचायत के लोगों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान कई स्थानों पर हैंडपंपों को भी उखाड़ दिया गया है। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट हो गया है। कई लोग निजी टैंकर मंगवा कर पानी को स्टोर करने के लिए मजबूर हैं। ग्राम पंचायत पाइसा के प्रधान चुनी लाल का कहना है कि लोग जल शक्ति विभाग और प्रशासन से इस समस्या को लेकर गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी समस्या का कोई हल नहीं निकाला जा रहा है।
50 घर इस समस्या से जूझ रहे हैं। यदि उनकी समस्या को हल शीघ्र नहीं हुआ तो पाइसा पंचायत से सैकड़ों लोग एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस बारे जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता सुरेश महाजन का कहना है कि उनके ध्यान में यह मामला आज ही आया है। लोगों को किसी भी स्तर पर दिक्कत का सामना न करना पड़े इसके लिए अधीनस्थ अधिकारियों को किसी अन्य स्कीम से जलापूर्ति करने के आदेश दे दिए हैं। विभाग कर्मचारियों को इसके कारणों की जांच के लिए भी कहा गया है।