बिजली की लाइन को ठीक करते बोर्ड के कर्मचारी। -स्रोत : जागरूक पाठक
पालमपुर (कांगड़ा)। विद्युत उपमंडल बिंद्राबन के तहत आने वाले दर्जनों गांव शनिवार आधी रात से करीब 12 घंटे अंधेरे में डूबे रहे। बारिश और टूटते बिजली के तारों के कारण शनिवार रात लगभग 1ः00 बजे बिजली गुल हो गई और रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बहाल हुई।
भारी बारिश से बिजली की लाइनों पर बड़े पेड़ गिर गए थे, जिससे कई जगहों पर तार टूट गए। इससे अपर डाढ, नगरी, राख, गोपालपुर, जिया, चमोटू, लटवाला, बगौड़ा, भगोटला, मैंझा, लाहला, दराटी, बिंद्राबन इलाके के कई गांवों में आपूर्ति बंद हो गई। रही। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण उत्तम गोस्वामी, पिंक सिंह, रवि कुमार, राजेंद्र राणा और अन्य लोगों ने बताया कि लगातार बारिश या हवा की हल्की गति में भी बिजली चले जाने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ी।
उन्होंने बिजली बोर्ड से गुणवत्तापूर्ण सामान लगाने और नियमित सुधार करने की मांग की। यदि जल्दी सुधार नहीं किया गया, तो वे धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दे रहे हैं। बिजली बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि पुराने उपकरणों के कारण समस्या बार-बार उत्पन्न हो रही है। कुछ नया सामान आया भी है, लेकिन वह ज्यादा दिन टिक नहीं पाता, जिससे अंदरखाते बोर्ड भी परेशान है। विद्युत उपमंडल के एसडीओ रजनीश कुमार ने बताया कि इससे बिजली बोर्ड को करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ।