पर्यटन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए निदेशालय भेजी फाइल
सर्दी के मौसम में संस्थान में नहीं होता है प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
तनुज सैणी
धर्मशाला। अटल बिहारी वाजपेयी जल क्रीड़ा केंद्र में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने की योजना तैयार कर इस पर कार्य किया जा रहा है। सर्दियों के मौसम में जल क्रीड़ा केंद्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं होते हैं। इस कारण पर्यटकों के लिए इस दौरान वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां करवाई जा सकें। जिला पर्यटन विभाग ने भी मंजूरी के लिए फाइल निदेशालय को भेजी है। मंजूरी मिलने पर पर्यटकों के लिए इन गतिविधियों को शुरू किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार पौंग बांध में वाटर स्पोर्ट्स को शुरू करने के लिए कई घोषणाएं की जा चुकी हैं। धरातल पर इन घोषणाओं के अनुरूप गतिविधियों को शुरू नहीं किया जा सका है। वहीं, पौंग में जल क्रीड़ा संस्थान में तैराकी के अलावा कैनोइंग, रोइंग, नौकायन और वाटर स्कीइंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
संस्थान के तहत दो वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है, जिसमें प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियां आयोजित होती हैं। सर्दियों के मौसम में विदेशी परिंदे भी यहां पहुंचते हैं और इन्हें देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ भी जुटती है।
संस्थान के इस दो वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में जिला पर्यटन विभाग की ओर से वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां आयोजित करने की रुपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक संख्या में पर्यटकों को इस क्षेत्र में लाया जा सके। उधर, जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि पौंग में स्थित जल क्रीड़ा संस्थान में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने की योजना है। इसके लिए मंजूरी को प्रपोजल भेजा गया है और मंजूरी मिलते ही इन गतिविधियों को संस्थान के दो वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में शुरू किया जाएगा।