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Kangra News: क्रूरता और परित्याग के आधार पर पत्नी को आठ साल के बाद तलाक

Tue, 05 May 2026 05:51 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। शादी के बाद दहेज के लिए उत्पीड़न और बेटी की स्कूल फीस तक न भरने वाले पति के खिलाफ फैमिली कोर्ट देहरा ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश सपना पांडेय की अदालत ने क्रूरता और परित्याग के आधार पर पीड़िता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए वैवाहिक संबंध को समाप्त करने (तलाक) के आदेश जारी किए हैं।
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मामले के अनुसार याचिकाकर्ता का विवाह वर्ष 2018 में हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष उसे कम दहेज लाने के ताने देकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा था। हद तो तब हो गई जब पति ने पत्नी और अपनी मासूम बेटी का भरण-पोषण करना भी बंद कर दिया। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि पति ने बच्ची की स्कूल फीस तक नहीं दी।
दहेज के लिए प्रताड़ित करने के साथ ही उसे कई बार घर से निकाला गया। अंतत: वर्ष 2024 में उसे बेटी सहित मायके में शरण लेनी पड़ी और अब वहीं रह रही है। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पति अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके चलते अदालत ने मामले को एकतरफा (एक्स पार्टी) करार दिया।
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महिला द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और बयानों से यह सिद्ध हुआ कि उसके साथ गंभीर क्रूरता की गई है। अदालत ने हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13(1)(आई-ए) के तहत याचिका को स्वीकार करते हुए तलाक की डिक्री पारित कर दी। अदालत ने माना कि बिना किसी उचित कारण के पत्नी का परित्याग करना और उसे प्रताड़ित करना वैवाहिक संबंधों को खत्म करने का पर्याप्त आधार है।
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