देहरा की दियाल पंचायत में ट्रांसफार्मर के सामने बैठे व्यक्ति को हटाती पुलिस। मौके पर एकत्रित ग्
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। ब्लॉक देहरा की दियाल पंचायत में ट्रांसफार्मर ले जाने के रास्ते को लेकर उपजा विवाद 300 परिवारों पर भारी पड़ गया। रास्ते के अड़ंगे के चलते इलाके की बिजली करीब 20 घंटे तक ठप रही और स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अंततः पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में विभाग ने वैकल्पिक रास्ते से मशीनरी पहुंचाकर नया ट्रांसफार्मर लगाया, तब जाकर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
मंगलवार दोपहर बाद तालाब के समीप लगे ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई थी। मरम्मत न होने पर जब बिजली बोर्ड की टीम ट्रॉली में नया ट्रांसफार्मर लेकर पहुंची तो एक मकान मालिक ने रास्ते पर आपत्ति जताते हुए काम रुकवा दिया। देर रात तक सहमति न बनने पर रात करीब दो बजे बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को मशीनरी समेत बैरंग लौटना पड़ा।
बुधवार सुबह बिजली बोर्ड के अधिकारी पुलिस बल के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे। काम शुरू होते ही संबंधित व्यक्ति ट्रांसफार्मर के पास धरने पर बैठ गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण व्यक्ति को समझाते रहे, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा। बुधवार को पुलिस की मदद से स्थिति को संभाला गया और दूसरे रास्ते से मशीनरी मौके तक पहुंचाई गई।
ट्रांसफार्मर के आसपास बने मकान, संकरा हुआ रास्ता
ग्रामीणों के मुताबिक दियाल में यह ट्रांसफार्मर वर्ष 1965 में लगा था। उस समय आबादी कम थी, लेकिन बीते छह दशकों में आसपास पक्के मकान बन जाने से भारी मशीनरी ले जाने का रास्ता बेहद संकरा हो गया। बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता बालेश शर्मा ने बताया कि नया ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर की जगह बदलने के लिए बजट का प्रावधान हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया जारी है। करीब डेढ़ माह में इसे शिफ्ट कर दिया जाएगा। रास्ते में बाधा पहुंचाने वाले व्यक्ति को विभागीय नोटिस जारी किया गया है।
नुकसान हुआ तो नियमों के तहत भरपाई : प्रधान
दियाल पंचायत की प्रधान रंजना धीमान ने कहा कि गांववासियों को सुचारू बिजली सुविधा उपलब्ध करवाना पंचायत की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रांसफार्मर और मशीनरी ले जाने के दौरान यदि किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचा है तो नियमानुसार उसकी भरपाई की जाएगी। बोर्ड की प्रस्तावित नई व्यवस्था तैयार होने के बाद ही ट्रांसफार्मर और रास्ते की समस्या का समाधान हो सकेगा।