नूरपुर (कांगड़ा)। वनों को आग से बचाने को लेकर बुधवार को नूरपुर वन मंडल व एनडीआरएफ बटालियन की संयुक्त समन्वय बैठक जसूर में आयोजित की गई।
बैठक में सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. जीएस गोराया को विशेष विशेषज्ञ आमंत्रित के रूप में आमंत्रित करने का गौरव प्राप्त हुआ। सत्र की शुरुआत वन विभाग द्वारा वनों की आग से निपटने के लिए उनकी तैयारियों और शमन रणनीतियों पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की भूमिका और वनों में आग के बढ़ते खतरे से निपटने में दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान वन विभाग ने संसाधन साझा करने और संयुक्त संचालन की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एनडीआरएफ टीम के साथ अपने उपकरणों की सूची भी साझा की, जिसमें ड्रोन, फायर बीटर, रेक, अग्निरोधी सूट, कुल्हाड़ी और अन्य अद्यतन अग्निशमन उपकरण शामिल हैं।
बैठक में वन संरक्षक धर्मशाला बसु कौशल, नूरपुर के वन मंडल अधिकारी अमित शर्मा, डीएफओ (मुख्यालय) राहुल शर्मा, सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) नूरपुर निशांत पराशर, रेंज वन अधिकारी (आरएफओ) और वन विभाग के फील्ड स्टाफ की उपस्थिति रही। एनडीआरएफ का प्रतिनिधित्व कमांडेंट (2आईसी) रजनीश शर्मा, डिप्टी कमांडेंट, सहायक कमांडेंट, इंस्पेक्टर और अन्य संबंधित अन्य कर्मचारियों ने किया।
बैठक में दोनों विभागों के लगभग 50 अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे, जबकि स्लापर, नालागढ़ और रामपुर स्थित 14वीं बटालियन एनडीआरएफ के क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों (आरआरसी) या अस्थायी स्थानों (टीपीएल) से लगभग 200 प्रतिभागी ऑनलाइन मोड के माध्यम से शामिल हुए।