धर्मशाला। नगरोटा बगवां से तीन बार विधायक रहे स्व. रामचंद भाटिया को अंतिम संस्कार के दौरान राजकीय सम्मान नहीं दिए जाने पर भारतीय क्षत्रिय घृत बाहती चाहंग महासभा (हिमाचल प्रदेश इकाई) और हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कल्याण मंडल ने दुख और निराशा व्यक्त की है। महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश चौधरी ने जारी प्रेस बयान में कहा कि रामचंद भाटिया के निधन के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और उपायुक्त को ई-मेल के माध्यम से राजकीय सम्मान देने का अनुरोध भेजा था लेकिन इस पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
महासभा और कल्याण मंडल ने कहा कि रामचंद भाटिया केवल जनप्रतिनिधि ही नहीं, घृत बाहती चाहंग समाज, अन्य पिछड़ा वर्ग और सभी वर्गों के सम्मानित नेता थे। महासभा ने राज्य सरकार से मांग की कि जनसेवा में विशिष्ट योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों को राजकीय सम्मान देने के लिए स्पष्ट और समान नीति बनाई जाए। उन्होंने स्व. रामचंद भाटिया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।