धर्मशाला। हिमाचल के पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास के साथ गगल एयरपोर्ट राज्य का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण हवाई केंद्र बनकर उभरा है। आगामी 1 जुलाई 2026 से नोएडा के जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए भी नई उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है। इससे कांगड़ा घाटी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से सीधा और बेहतर संपर्क मिलेगा।
गगल एयरपोर्ट के निदेशक अमित सकलानी ने बताया कि जून 2014 से मई 2026 तक किए गए आधुनिकीकरण और विस्तार कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014-15 में जहां वार्षिक यात्री संख्या 55,482 थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1,63,572 तक पहुंच गई है। इस प्रकार यात्री यातायात में 194.8 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके साथ ही इस अवधि में वार्षिक उड़ानों की संख्या भी 1,244 से बढ़कर 2,720 हो गई है। निदेशक ने कहा कि बढ़ती यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए विमानों की पार्किंग क्षमता को दो से बढ़ाकर तीन वे (बे) करने तथा खराब मौसम में उड़ानों के डायवर्जन को रोकने के लिए विशेष वीएफआर अप्रोच प्रणाली पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में यात्रियों के लिए मुफ्त हाई-स्पीड वाई-फाई, फ्लाईब्रेरी, वर्कस्टेशन, मेडिकल रूम तथा आधुनिक फूड एवं रिटेल आउटलेट्स जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।