धर्मशाला। धौलाधार पर्वत शृंखला सहित त्रियूंड और आदि हिमानी चामुंडा की पहाड़ियों पर बुधवार को एक बार फिर ताजा हिमपात हुआ। पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जिले में कड़ाके की ठंड लौट आई है। धर्मशाला में बुधवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि शाम छह बजे के बाद मौसम खुलने पर आसमान में निकले इंद्रधनुष ने लोगों को आकर्षित किया। पिछले करीब एक सप्ताह से जारी बारिश ने किसानों और बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज अंधड़ और बारिश के कारण खेतों में गेहूं की फसल बिछ गई है, वहीं आलू के खेतों में पानी भरने से फसल सड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
बीते दिनों हुई ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था और अब लगातार बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी न खड़ा होने दें और जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि नुकसान की स्थिति में किसान संबंधित पटवारी से खेतों का मुआयना करवाएं ताकि मुआवजे की प्रक्रिया अमल में लाई जा सके।
धुंध के आगोश में पर्यटन नगरी
दोपहर बाद धर्मशाला, कोतवाली और मैक्लोडगंज क्षेत्र गहरी धुंध की चपेट में रहे। विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम होने के कारण वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। दूसरी ओर लगातार बारिश से खड्डों और नालों का जल स्तर बढ़ गया है, जिससे जल शक्ति विभाग के पेयजल स्रोत रिचार्ज हो गए हैं। विभाग का मानना है कि इस बर्फबारी से गर्मियों में पेयजल संकट काफी कम होगा।
गर्म कपड़े पहनें और ठंडा पानी पीने से करें परहेज
बदलते मौसम के बीच क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सर्दी-जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और ठंडे पानी के सेवन से परहेज करें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। लोग सुबह-शाम के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, संतुलित आहार लें।
धर्मशाला के उपरेड़ में बारिश के कारण ढही गेंहू की फसल। लगातार बारिश के कारण फसल काली पड़ने लगी
धर्मशाला के उपरेड़ में बारिश के कारण ढही गेंहू की फसल। लगातार बारिश के कारण फसल काली पड़ने लगी