प्रतियोगिता के दौरान एचपी एसडीआरएफ ने निर्धारित कार्य को समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूर्ण कर सभी प्रतिस्पर्धी टीमों को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि टीम की उच्च स्तरीय तैयारी, तकनीकी दक्षता, उत्कृष्ट टीमवर्क तथा अनुशासन का प्रमाण है। इस सफलता के साथ टीम ने वर्ष 2025 की क्षेत्रीय सीएसएसआर प्रतियोगिता में बनाए गए अपने ही रिकॉर्ड समय को भी पीछे छोड़ दिया, जो उसके निरंतर सुधार और सुदृढ़ संचालन क्षमता को दर्शाता है। यह उपलब्धि उत्तरी क्षेत्र में एचपी एसडीआरएफ की लगातार दूसरी क्षेत्रीय चैंपियनशिप है। 14वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल नूरपुर के कठोर प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं सतत मार्गदर्शन के अंतर्गत टीम ने इस प्रतिष्ठित आयोजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। क्षेत्रीय चैंपियनशिप जीतने के साथ ही एचपी एसडीआरएफ ने 9 मार्च 2026 से आरंभ होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय सीएसएसआर प्रतियोगिता के लिए भी अपनी पात्रता सुनिश्चित कर ली है। हिमाचल प्रदेश एसडीआरएफ के एसएसपी अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि लगातार दूसरी जीत ने एचपी एसडीआरएफ की देश के अग्रणी आपदा प्रतिक्रिया बलों में प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ किया है।
टीम में यह कर्मचारी रहे शामिल
इंस्पेक्टर खिला देवी (मंडी), सहायक उप निरीक्षक धर्म पाल (कांगड़ा), हेड कांस्टेबल बबली कुमार (कांगड़ा), हेड कांस्टेबल बलविंदर ठाकुर (मंडी), कांस्टेबल विशाल राणा (कांगड़ा), कांस्टेबल अक्षय कुमार (कांगड़ा), कांस्टेबल रजनीश कुमार (कांगड़ा), कांस्टेबल अरविंद कुमार (कांगड़ा), कांस्टेबल अक्षय कुमार (कांगड़ा), कांस्टेबल हिमांशु चौधरी (शिमला), कांस्टेबल अमन डारोच (शिमला), कांस्टेबल गुरसिमरन सिंह (शिमला), कांस्टेबल नवीन कुमार (कांगड़ा), कांस्टेबल दीपक (मंडी), कांस्टेबल जगदीश चंद (कांगड़ा), कांस्टेबल विकास जामरा (डॉग स्क्वॉड), कांस्टेबल शशि पाल (डॉग स्क्वॉड), कांस्टेबल विजय कुमार (कांगड़ा), कांस्टेबल गुरु दत्त (मंडी) व कांस्टेबल छब्बिल नेगी शामिल रहे।