उनका कहना था कि गगल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अधिसूचना जारी होने के बावजूद संबंधित क्षेत्रों में जमीनों की खरीद-बिक्री अवैध तरीके से की गई। ऊना में भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। उनका कहना था कि बाहरी लोगों (गैर हिमाचली) द्वारा जमीन खरीदने से स्थानीय निवासियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मामला राज्य के विकास, भूमि अधिकारों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा से जुड़ा था। इस मामले में पूर्व विधायक के परिवार के सदस्यों समेत कुछ बड़े कारोबारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। विधानसभा में इस गंभीर मामले को उठाने के बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला की डीआईजी सीम्या सांबशिवन, पुलिस अधीक्षक रमन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रताप ठाकुर की सदस्यता वाली तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की।
मामले की एसआईटी कर रही जांच : सौम्या
यह टीम अब राजस्व विभाग में विस्तृत रिकॉर्ड लेकर जांच कर रही है, जिससे इस अवैध गतिविधि के पीछे की सच्चाई सामने आ सके। जांच में सामने आएगा कि क्या गगल एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर किसी प्रकार की नीति और नियमों का उल्लंघन हुआ है और कितने प्रभावशाली लोग इस भ्रष्टाचार में शामिल हो सकते हैं। उधर, डीआईजी सौम्या सांबशिवन ने कहा कि भूमि की अवैध तरीके से खरीद-फरोख्त मामले की एसआईटी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।