सिद्धबाड़ी स्थित चिन्मय तपोवन आश्रम संदीपनी हिमालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते राज्यपाल क
धर्मशाला। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब उसके केंद्र में मानवता और समाज का कल्याण हो। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन किए हैं, लेकिन ऐसे दौर में भी हमें आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और मानवीय मूल्यों को बनाए रखना होगा।
भारत की सनातन चेतना, ज्ञान परंपरा और सेवा भावना को आगे बढ़ाकर ही राष्ट्र को समृद्ध और विश्व कल्याण में योगदान दिया जा सकता है। राज्यपाल शनिवार शाम सिद्धबाड़ी स्थित चिन्मय तपोवन आश्रम संदीपनी हिमालय में चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की यात्रा और पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद के जीवन को समर्पित चिन्मय अमृत महोत्सव में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि चिन्मय मिशन ने भारतीय आध्यात्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। स्वामी चिन्मयानंद के विचारों ने देश-विदेश में लोगों को भारतीय दर्शन और जीवन शैली से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत की महान ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सेवा-संस्कृति ही हमारी पहचान है। हमारी संस्कृति ने सदैव पूरे विश्व को एक परिवार मानकर वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है।
कार्यक्रम में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का संदेश भी पढ़ा गया। इस दौरान कांगड़ा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, वरिष्ठ आचार्य परमशेखर स्वामी माधवानंद, स्वामी अनुकूलानंद, पद्मश्री क्षमा मैत्रेय, ट्रस्टी डॉ. राजन गुप्ता, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा सहित कई साधक व श्रद्धालु मौजूद रहे।