नूरपुर (कांगड़ा)। ग्राम पंचायत जाच्छ में सोमवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) विकास निधि कानून के लिए राज्य गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य गठबंधन के मार्गदर्शक धर्मपाल चंद्रा ने की। इस दौरान प्रदेश में विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर चल रही मुहिम की समीक्षा की गई और आगामी रणनीति तैयार की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों में विकास निधि विशेष कानून बनने के बाद वहां के अनुसूचित जाति और जनजाति समाज के शैक्षणिक और आर्थिक स्तर में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। इसी तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी यह कानून लागू होना चाहिए, ताकि इन वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
गठबंधन के सदस्यों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में एससी-एसटी विकास निधि कानून बनाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही इस कानून की घोषणा नहीं करती है, तो आगामी विधानसभा बजट सत्र के दौरान शिमला में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्य गठबंधन की स्टेट को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य राजकुमार विद्यार्थी, डॉ. राजेंद्र पाल भाटिया सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नूरपुर विधानसभा कमेटी का हुआ गठन
मुहिम को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए नूरपुर विधानसभा स्तरीय कमेटी का गठन किया गया। इसमें श्री गुरु रविदास महासभा के प्रधान हरबंस नांगला, लेखराज, कींटू राम, देवेंद्र दयाल, लालचंद, भगवान दास, मास्टर जैसी राम, शिवकुमार को शामिल किया गया। वहीं, गुर्जर महासभा से जिला प्रधान शामु खान, हरबंस लाल, गुरदयाल सिंह और भूषण कुमार को शामिल किया है।