धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज (टीएमसी) टांडा में चिकित्सा के क्षेत्र में कौशल, शोध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर गहन मंथन हुआ। संस्थान में दो दिवसीय राष्ट्रीय अंडरग्रेजुएट मेडिकल कॉन्फ्रेंस-2026 के समापन पर वक्ताओं ने भावी डॉक्टरों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
इस सम्मेलन ने युवा चिकित्सकों को नए विचारों, शोध और कौशल विकास के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान किया है। दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में मेजबान हिमाचल प्रदेश के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और असम के करीब 300 डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का समापन विभिन्न शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ हुआ।
समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करते हुए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली की पूर्व निदेशक-प्राचार्य प्रो. (डॉ.) चंद्रमा आनंद ने भावी चिकित्सकों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से चिकित्सा क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और मरीजों के प्रति हमेशा संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
टीएमसी के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस अब हिमाचल प्रदेश का अपने आप में सबसे बड़ा अंडरग्रेजुएट मेडिकल सम्मेलन बन चुका है। इस वर्ष छात्रों को व्यावहारिक रूप से दक्ष बनाने के लिए मेडिकल एवं सर्जिकल विषयों पर विशेष हैंड्स-ऑन वर्कशॉप्स भी आयोजित की गईं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई और आधुनिक कौशल को समझने में मददगार साबित होंगी।