शिक्षकों के पेंडिंग बिलों का भुगतान भी बोर्ड जल्दी करेगा और आगामी वर्ष की पाठ्य पुस्तकें एडवांस में फरवरी में स्कूलों को पहुंचा दी जाएंगी। संघ के शिष्टमंडल ने अपनी प्रतिवेदन व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को प्रश्नपत्र बैंक उच्च स्तर के बनाए जाएं और यह ऑनलाइन उपलब्ध हों। प्रश्नपत्र की एक ही सीरीज के सैंपल बना कर भेजे जाएं और शिक्षा बोर्ड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार सब्जेक्ट एक्सपर्ट के पद सृजित किए जाएं ताकि परीक्षाएं और प्रश्न पत्रों में कोई त्रुटियां न हों। बैठक में लगभग हर मुद्दे पर सहानुभूति विचार विमर्श कर यथासंभव सचिव शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से मौके पर निपटा दिया गया। शेष को अध्यक्ष शिक्षा बोर्ड की अनुमति के पश्चात विमर्श कर हल करने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर संघ के महासचिव तिलक नायक, उपाध्यक्ष मनोज वर्मा, सलाहकार राजेश पराशर, प्रेस सचिव डॉ. संजय कुमार चौधरी उपस्थित रहे।
प्रवक्ता संघ ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
स्कूल प्रवक्ता संघ ने कहा है शिक्षा बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्र रिटेंशन फीस में भारी बढ़ोतरी करना शिक्षकों और सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों के हितों के खिलाफ है। शिक्षा बोर्ड की ओर से रिटेंशन फीस को प्रति स्कूल 3,000 से सीधा 10,000 बढ़ाना समझ से परे हैं। प्रदेश के कुछ स्कूलों में क्षेत्रीय परिस्थितियों, नेटवर्क समस्या, भौगोलिक स्थितियों और स्टाफ की कमी के कारण रिटेंशन फीस जमा नहीं कर पाए, जो स्कूल जमा नहीं कर पाए उन स्कूलों पर शिक्षा बोर्ड ने 3,000 से सीधा 10,000 पेनल्टी लगाकर सीधे बोर्ड ऑफिस में जमा करने के आदेश दे दिए। संघ के अध्यक्ष अजय नेगी ने बताया कि मार्च, अप्रैल और सितंबर 2025 मे बोर्ड की कक्षाओं की परीक्षाओं को संचालित करने व उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने का भुगतान आज तक प्रदेश के हजारों शिक्षकों को नहीं हुआ नहीं हुआ है।
संघ की राज्य व जिला कार्यकारिणी, जिनमें अजय नेगी, इंदर सिंह ठाकुर, लोकेंद्र नेगी, राजेश सैनी, सुरेंद्र पुंडीर, दीप सिंह खन्ना, राकेश भारद्वाज, ओम प्रकाश, संजय शर्मा, शौकत अली, विकास रत्न, राजेंद्र मैठा, सूरज वाली, अजय ठाकुर, जगमोहन, राजेश शर्मा, चंद्र देव ठाकुर, रंगीला ठाकुर, सुरजीत सिसोदिया, जय राम शर्मा, रिजन शर्मा, भूपेश नेगी, विजय आर्य, मुदिता भारद्वाज, दया दत्ता, सोनू सेन, रोजी चौहान और राजपाल ठाकुर, नरेश ठाकुर, देवेंद्र शर्मा, देवेंद्र लाकटू, सिकंदर मिन्हास, जय लाल जलपायक, डॉ. ईश्वर दास राही, शशि सैनी, गौतम सिंह, अजय नेगी, विवेक भारद्वाज और राजेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।