धर्मशाला। जीएस बाली अंतरराज्यीय बस अड्डा धर्मशाला के निर्माण में देरी पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने सख्त निर्णय लिया है। एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने निर्देश जारी किए हैं कि जब तक अड्डे का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं होता, तब तक एचआरटीसी बसों का प्रवेश शुल्क (अड्डा फीस) नहीं भरेगा। उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों से भी प्रवेश शुल्क न देने का आह्वान किया है।
बताया जा रहा है कि बस अड्डे के नवीनीकरण का जिम्मा ठेकेदार को सौंपे हुए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन बार-बार के नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य अधर में लटके होने के कारण न केवल बस चालकों और परिचालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि स्मार्ट सिटी धर्मशाला आने वाले यात्रियों को भी बदहाली का सामना करना पड़ रहा है।
अजय वर्मा ने दोटूक शब्दों में कहा कि ठेकेदार को काम सौंपे हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बार-बार चेतावनी दी जा रही है। इसके बावजूद ठेकेदार के रवैये में कोई सुधार नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।
उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि वर्तमान ठेकेदार इसी तरह टालमटोल करता रहा, तो निगम इस निर्माण कार्य को अपने हाथ में लेने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवेश शुल्क रोकने के निर्णय से जहां ऑपरेटरों को राहत मिलेगी, वहीं ठेकेदार पर भी काम शुरू करने का दबाव बनेगा।