धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय कॉलेज टांडा (टीएमसी) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ के पांच मंजिला भवन में जल्द एक समर्पित नशा निवारण केंद्र खोला जाएगा। इससे नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को राहत मिलेगी। इस भवन में 100 बिस्तरों की क्षमता है। भवन की एक मंजिल में अभी तक मनोचिकित्सा ओपीडी चल रही है। हालांकि, शुरुआत में यहां नशा निवारण केंद्र में केवल 15 मरीजों का इलाज किया जा सकेगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस केंद्र के लिए सरकार से मंजूरी के लिए आवेदन कर दिया है और मंजूरी मिलते ही इसका संचालन शुरू हो जाएगा। नशे का बढ़ता संकट आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। नशे ने विशेष रूप से युवाओं को अपनी चपेट में ले लिया है और इससे बचने के लिए सरकार और विभिन्न संस्थाएं लगातार प्रयासरत हैं।
सरकार की ओर से चलाए जा रहे नशा निवारण कार्यक्रमों में नशा निवारण केंद्रों की अहम भूमिका है। वर्तमान में जिला कांगड़ा में नूरपुर में ही सरकारी नशा निवारण केंद्र उपलब्ध है। जबकि अन्य केंद्र निजी क्षेत्र में हैं, जहां इलाज की फीस अत्यधिक होने के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकारी नशा निवारण केंद्रों में इलाज सस्ता और सुलभ होता है, जो लोगों के लिए एक बड़ी राहत है। पूर्व में धर्मशाला के प्रयास भवन में भी एक नशा निवारण केंद्र संचालित था लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे बंद कर दिया गया था। अब, अगर टीएमसी में नशा निवारण केंद्र खुलता है तो न केवल धर्मशाला, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा और उन्हें नूरपुर या अन्य दूरदराज के क्षेत्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यह कदम धर्मशाला और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो सकता है और नशे की चपेट में आए युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।
टीएमसी के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस केंद्र का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे नशे के मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। टांडा में मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत भवन बन चुका है। एडीसी कांगड़ा विनय कुमार ने कहा कि अभी नूरपुर में रेडक्रॉस की मदद से एक नशा निवारण केंद्र चल रहा है। प्रयास भवन धर्मशाला में नशा निवारण केंद्र को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया है। इंदौरा के कंदरोड़ी में रेडक्रॉस की मदद से नया नशा निवारण केंद्र प्रस्तावित है। टीएमसी में भी एक नशा निवारण केंद्र खुलेगा।