देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। शहर को शीघ्र बिजली के तारों के जंजाल से छुटकारा मिल जाएगा। शहर में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड (जमीन के अंदर) किए जाने के प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। करीब 10 करोड़ रुपये इस कार्य में खर्च किए जाएंगे। विद्युत बोर्ड की प्रदेश के बड़े शहरों की तर्ज पर शहर को तारों और पोल के जंजाल से मुक्त किए जाने का योजना है।
जानकारी के अनुसार शहर में अंडरग्राउंड केबल करने का कार्य चार फेज में पूरा होगा। इसमें से विद्युत मंडल कार्यालय देहरा ने तीन फेज के कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीन फेज के कार्य पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फेज चार की टेंडर प्रक्रिया बाद में पूरी की जाएगी। शहर में करीब कई किलोमीटर बिजली के हाइटेंशन ओवरहेडेड तारों का जाल बिछा है। तीन फेज में करीब 6.23 किमी लंबी अंडरग्राउंड 11केवी एचटी और 2.1 किमी एलटी केबल लाइन डाली जाएगी। बिजली के तारों को जमीन के अंदर करने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिजली चोरी पर पूरी तरह से लगाम कसी जा सकेगी। अंडरग्राउंड केबल होगी तो बिजली चोरी करना संभव नहीं होगा। इसके अलावा बगैर चोरी होने वाला लाइन लॉस भी नहीं हो सकेगा।
इसके बारे में विद्युत बोर्ड मंडल देहरा के एक्सईएन बलेश शर्मा का कहना है कि देहरा में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि करीब दो साल से पहले ही इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।