पंचरुखी (कांगड़ा)। सलियाणा पंचायत के गांव बटाहण से 18 जनवरी को लापता हुए 27 वर्षीय युवक पंकज कुमार का शव 26 दिन बाद 12 फरवरी को संदिग्ध हालात में ज्वालामुखी के कालीधार जंगल में मिला। पुलिस की जांच से नाराज मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को बटाहण चौक पर शव रखकर चक्का जाम किया। गुस्साए लोगों ने पंचरुखी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों ने दाएं बाजू पर उकेरे प्रेमिका के नाम के आधार पर शव की पहचान की है।
शनिवार को प्रदर्शन करते हुए परिजनों ने कहा कि पंकज 18 जनवरी को अचानक लापता हो गया था। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पंचरुखी थाना में दर्ज करवाई थी। 12 फरवरी को देहरा पुलिस को जंगल में एक अज्ञात शव मिला, जो हल्का सड़-गल चुका था। जब यह जानकारी मीडिया के माध्यम से मृतक के पिता सुरेश कुमार को मिली तो उन्होंने पंचरुखी थाना प्रभारी विद्या सागर से संपर्क किया।
शनिवार को पुलिस परिजनों के साथ देहरा पहुंची और शव को पंचरुखी के सलियाणा गांव लाया गया। परिजनों का आरोप है कि पंकज की साजिश के तहत हत्या की गई और पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। मृतक के माता-पिता गायत्री देवी व सुरेश कुमार ने कहा कि यदि पुलिस ने सहयोग किया होता तो उनका बेटा जिंदा होता।
उधर, चक्का जाम की सूचना मिलने के बाद डीएसपी बैजनाथ अनिल शर्मा और एसडीएम पालमपुर नेत्रा मेती मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। मगर परिजन इस बात पर अड़े रहे कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होगी, वे शव को नहीं उठाएंगे। वहीं, एसडीएम ने परिजनों को आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस जांच कर रही है।
महिला, उसका पति और ससुर हिरासत में लिए
युवक की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा आसमान पर है। देररात को भी लोग शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करते रहे। उधर, विरोध को देखते हुए पुलिस ने शनिवार शाम करीब 7ः00 बजे मामले में एक महिला, उसके पति और ससुर को हिरासत में लिया है। डीएसपी अनिल शर्मा ने बताया कि तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। रविवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
पंचरूखी के बटाहन गांव के लापता युवक शव मिलने के बाद सलियाणा चौक पर शव को रखकर प्रदर्शन करते परि