देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। पंचायती राज विभाग ने अब पंचायत प्रतिनिधियों की व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक करने से पहले उनकी लिखित सहमति लेना अनिवार्य कर दिया है। विभाग ने जिला परिषद, पंचायत समिति और पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर विभागीय वेबसाइट पर प्रकाशित करने से पहले उनकी लिखित सहमति प्राप्त करने के निर्देश जारी किए हैं।
जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा ने इस संबंध में जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। पत्र के अनुसार पंचायती राज निदेशालय शिमला की ओर से नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों की एक निर्देशिका (डायरेक्टरी) तैयार की जा रही है, जिसे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके लिए प्रतिनिधियों का नाम, पदनाम, पता और मोबाइल नंबर सहित अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित प्रारूप में एकत्र किए जा रहे हैं।
निर्देशों के तहत प्रत्येक निर्वाचित प्रतिनिधि से लिखित सहमति लेना जरूरी होगा। यदि कोई प्रतिनिधि अपना मोबाइल नंबर या व्यक्तिगत जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने को लेकर आपत्ति दर्ज कराता है, तो ऐसे मामलों की अलग से सूची तैयार कर पंचायती राज निदेशालय को भेजी जाएगी।
जिला पंचायत अधिकारी ने सभी बीडीओ को निर्देशित किया है कि पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से सहमति पत्र लेकर पूरा विवरण 25 जुलाई तक ई-मेल के माध्यम से जिला कार्यालय को भेजें। इसके बाद संकलित जानकारी शिमला भेजी जाएगी। आपत्ति जताने वाले प्रतिनिधियों की सूचना 31 जुलाई तक निदेशालय को प्रेषित की जाएगी।
उधर, बीडीओ देहरा भानु प्रताप सिंह ने कहा कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों की निर्देशिका तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नियमों के तहत लिखित सहमति प्राप्त की जा रही है।