छत्तीसगढ़ में 2011 में माओवादियों से मुठभेड़ के दौरान बलिदान हुए थे सुखदीप
संवाद न्यूज एजेंसी
सुलयाली (कांगड़ा)। नूरपुर की सदवां पंचायत के गांव लखवाल में ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ पिंजौर की ओर से बलिदानी सुखदीप सिंह के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बलिदानी सुखदीप वर्ष 2001 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे और उनके पिता शाम सिंह भी सीआरपीएफ से इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं और माता गृहिणी हैं। इनके दो भाई और दो बहनें हैं। बलिदानी सुखदीप सिंह सीआरपीएफ की सेकेंड बटालियन में एक सिपाही के रूप में तैनात थे और 17 मई 2011 को ड्यूटी के दौरान टुकड़ी के साथ केरलापाल छत्तीसगढ़ से अपनी यूनिट की तरफ जा रहे थे।
इस दौरान रास्ते में माओवादियों की ओर से आरडी विस्फोट और भारी गोलीबारी की गई थी। इसमें सुखदीप सिंह ने घायल अवस्था में होने के बावजूद भी माओवादियों का डटकर मुकाबला किया और कई माओवादियों को मौत के घाट उतारा था। इस हमले में गंभीर घायल होने के चलते सुखदीप सिंह और इनकी टुकड़ी के अन्य छह जवान बलिदान हुए थे। इन बलिदानी जवानों को याद करते हुए सीआरपीएफ हर साल 17 मई को जांबाज जवानों का बलिदान दिवस इनके पैतृक गांव में मनाती है। इस मौके पर केंद्र ग्रुप सीआरपीएफ पिंजौर उप-निरीक्षक के निर्देश पर सब इंस्पेक्टर जगरूप सिंह सदवां में पहुंचे थे और उन्होंने बलिदानी सुखदीप सिंह के माता पिता, परिवार और अन्य सेवानिवृत्त सैनिक के साथ उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सब इंस्पेक्टर जगरूप सिंह ने कहा कि वे ऐसे माता-पिता को सैल्यूट करते हैं जिन्होंने बेटे का देश के लिए बलिदान दिया। इस अवसर पर जिला परिषद हरदीप सिंह, पंचायत प्रधान पवन कुमार, पंचायत सचिव कमलेश कुमारी, ग्राम रोजगार सेवक गोपाल, वार्ड सदस्य और सेवानिवृत्त सैनिकों सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।