कांगड़ा के बज्रेश्वरी माता मंदिर में दर्शनों के लिए लगी श्रद्धाुलओं की लाइन। जागरूक पाठक
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। जिले की शक्तिपीठों में शरद नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा हुई। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न करवाई। तीसरे नवरात्र पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। तीनों शक्तिपीठों में कुल 28,500 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। ज्वालामुखी मंदिर में 20 हजार भक्तों ने दर्शन किए। कांगड़ा के माता बज्रेश्वरी देवी मंदिर में 5,500 श्रद्धालु पहुंचे। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 3,000 भक्तों ने हाजिरी भरी।
चढ़ावे की बात करें तो ज्वालामुखी मंदिर में पहले दिन 41.32 लाख रुपये अर्पित किए गए। बज्रेश्वरी देवी मंदिर में 3,68,845 रुपये का नकद चढ़ावा चढ़ा। ज्वालामुखी में प्रशासन के पुख्ता प्रबंधों के बीच श्रद्धालुओं ने सुगमता से दर्शन किए।
पुजारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि तीसरे नवरात्र पर मां चंद्रघंटा की विशेष आराधना की जाती है। मां के मस्तक पर घंटे के आकार का चंद्रमा सुशोभित है।
चामुंडा मंदिर में अष्टमी पर होंगे विशेष अनुष्ठान
चामुंडा मंदिर अधिकारी राकेश चौधरी ने बताया कि मंगलवार को सामान्य भीड़ रही। अष्टमी और नवमी पर भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। अष्टमी की रात हिमाचल शास्त्रीय संगीत परिषद के सौजन्य से संगीत संध्या होगी। इसी रात मां चामुंडा का निशीथ पूजन होगा। इस दौरान मां को 108 प्रकार के विशेष व्यंजनों का महाभोग लगाया जाएगा।
कांगड़ा के बज्रेश्वरी माता मंदिर में दर्शनों के लिए लगी श्रद्धाुलओं की लाइन। जागरूक पाठक
कांगड़ा के बज्रेश्वरी माता मंदिर में दर्शनों के लिए लगी श्रद्धाुलओं की लाइन। जागरूक पाठक