धर्मशाला। जिला कांगड़ा में स्क्रब टाइफस ने दस्तक दे दी है। जिले के सबसे बड़े अस्पताल डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में स्क्रब टाइफस से संबंधित तीन मामले आए हैं। जानकारी के अनुसार एक पुरुष जहां इसकी चपेट में आया है, वहीं दो महिलाओं को भी स्क्रब टाइफस की बीमारी ने जकड़ा है। इस बीमारी से संबंधित मरीज जिला कांगड़ा के नूरपुर और शाहपुर से टांडा में भर्ती हुए हैं। साथ ही जिला चंबा से भी एक मरीज इस बीमारी की जकड़ में आया है। तीनों ही मरीजों का उपचार डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में चल रहा है।
बीमारी पनपने के कारण
स्क्रब टाइफस बरसात के दिनों में फैलने वाली बीमारी हैै। यह खतरनाक जीवाणु रिकेटशिया यानी संक्रमित माइट (पिस्सू) के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों से पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के जरिये शरीर में प्रवेश करता है, जिससे स्क्रब टाइफस बुखार होता है।
स्क्रब टाइफस के लक्षण
स्क्रब टाइफस के लक्षणों में व्यक्ति को 104 से 105 डिग्री तक तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, कंपकंपी के साथ बुखार, अकड़न या शरीर का थकना, बाजुओं के नीचे और कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना स्क्रब टाइफस के लक्षण हो सकते हैं।
स्क्रब टाइफस से बचने के उपाय
बरसात के दिनों में जंगली पौधे खुद उगने लगते हैं। इसीलिए घर के आसपास घास या झाड़ियां न उगने दें। शरीर को स्वच्छ रखें और हमेशा साफ कपड़े पहनें। आसपास जल जमाव बिल्कुल न होने दें। घर के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। खेतों में काम करते समय अपने हाथ पैरों को अच्छे से ढक कर रखें।
स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज की सेहत में सुधार
टांडा में उपचाराधीन स्वाइन फ्लू से पीड़ित की हालत में सुधार हुआ है। पालमपुर क्षेत्र की 26 वर्षीय महिला के स्वास्थ्य पर चिकित्सकों की टीम पूरी नजर रखे हुए है। वहीं मंगलवार को स्वाइन फ्लू से संबंधित कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है।
-डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में स्क्रब टाइफस से संबंधित तीन मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें से दो मरीज जिला कांगड़ा, जबकि एक मरीज चंबा जिला से संबंधित है। वहीं, स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला की हालत में भी सुधार हुआ है। सभी मरीजों का उपचार टांडा में चल रहा है। -डॉ. वाईडी शर्मा, एमएस, टांडा