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नूरपुर में हाईकोर्ट के आदेश पर दो दुकानों को गिराया

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अमर उजाला ब्यूरो
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नूरपुर (कांगड़ा)। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए शनिवार को नूरपुर सिविल अस्पताल के सामने जामा मस्जिद के बाहर बनीं दो अवैध दुकानों को पुलिस की पहरे में एडीएम मस्त राम भारद्वाज की अगुवाई में गिराया गया। हालांकि, इससे पहले सुबह करीब 11 बजे अवैध निर्माण को गिराने को लेकर एसडीएम आबिद हुसैन सादिक की अगुवाई में पुलिस-प्रशासन ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों और हिन्दू संगठनों के विरोध करने के बाद मस्जिद के बाहर माहौल ने सांप्रदायिक रंग ले लिया। इस तनावपूर्ण माहौल को देखते हए प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी।
इसी दौरान स्थानीय लोगों की एसडीएम के साथ तीखी बहसबाजी भी शुरू हो गई। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इससे माहौल को बिगड़ता देख एसडीएम आबिद हुसैन सादिक ने कार्रवाई को रोकने के आदेश दिए। इसके उपरांत एसडीएम ने अपने कार्यालय पहुंच इस सारी घटना की सूचना जिलाधीश और एडीएम को दी। जिलाधीश के आदेशों के बाद लगभग चार घंटे बाद एडीएम मस्त राम भारद्वाज की अगुवाई में पुलिस बटालियन की गाड़ी ने घटना स्थल पर डेरा जमाया तथा पुलिस पहरे के बीच अवैध कब्जों को तोड़ा गया। इस कार्यवाही से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति को कायम रखने के लिए माजा मस्जिद के बाहर धारा 144 लागू की गई।
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कोर्ट ने 12 दिसंबर तक दिए थे दुकानें खली करने के आदेश
प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए 12 दिसंबर को स्थानीय प्रसासन को चौगान में चंबा रोड पर जामा मस्जिद के साथ अवैध निर्माण (दुकानों) को गिराकर इस भूमि को खाली कराने के आदेश जारी किए थे। इसकी अनुपालना करने के लिए प्रशासन को 19 दिसंबर तक की मोहलत दी गई है। उधर, प्रभावित दुकानदारों उमेश महाजन और मनोहर लाल ने बताया कि उन्हें सिर्फ दो दिन का शॉर्ट नोटिस दिया गया, जिसके चलते उन्हें हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखने तक का समय नहीं मिल्रा।
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आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज
एसडीएम नूरपुर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए मस्जिद के बाहर दो अवैध दुकानों को गिराया गया है और कोर्ट के आदेशों की अनुपालना के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने के मामले में 8 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए और 353 के तहत मामला दर्ज करवाया गया है।
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