राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर के विरोध में बैजनाथ में प्रदर्शन करते कांग्रेसी। -स्रोत : जागरूक पाठ
बैजनाथ/पालमपुर (कांगड़ा)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कड़ा रोष जताया है। बैजनाथ में ब्लॉक कांग्रेस ने पार्टी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की, वहीं पालमपुर में कांग्रेस नेता राजेश रॉकी ने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की साजिश करार दिया।
बैजनाथ स्थित निजी होटल में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शशि राणा की अध्यक्षता में मासिक बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा हुई। बैठक में रविंद्र बिट्टू की मौजूदगी में कई लोगों ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा, जिनका पार्टी में स्वागत किया गया। इसके बाद पार्टी कार्यालय के बाहर राहुल गांधी पर हुई एफआईआर के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि राहुल गांधी जनता की आवाज उठा रहे हैं और उनकी आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस दौरान मोहिंद्र डोहरी, रमेश चड्ढा, कुलदीप सोनी, वीरेंद्र जम्वाल, रविंद्र राव, अमित शर्मा, मिलाप भट्ट, विकास राणा, विपिन राणा और संसार चंद राणा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दलित सम्मान की आवाज उठाना अपराध नहीं : रॉकी
पालमपुर में कांग्रेस नेता राजेश रॉकी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि दलित समाज के सम्मान और समानता का मुद्दा उठाना कोई अपराध नहीं है। राहुल गांधी ने इस घटना पर सवाल उठाकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उल्टे उन्हीं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। रॉकी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय दलित समरसता की बात करने वाली भाजपा का दोहरा चेहरा सामने आ चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस एफआईआर से डरने वाली नहीं है और सामाजिक न्याय व संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।